मामला लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के
जमखुरी गांव से जुड़ा है। गांव निवासी छंगूराम का महमूदपुर गांव के रामविशाल से आबादी की जमीन को लेकर विवाद चल रहा है।
28 मार्च 2014 को रामविशाल विवादित जमीन पर छप्पर रखवा रहा था। जानकारी
पाकर पहुंचे छंगूराम ने छप्पर रखने से मना किया। इसी को लेकर हुए विवाद में
रामविशाल व अन्य आरोपियों ने छंगूराम को कुल्हाड़ी से मारकर चोटें पहुंचाई
थी। बीच-बचाव करने पर आरोपियों ने प्रेमसागर, रामकुमार, इंदल, आशा व अजय
कुमार को भी मारपीट कर चोटें पहुंचाई थी। गंभीर रूप से घायल प्रेमसागर को
परिवारीजन इलाज के लिए अस्पताल ले गए। 17 अप्रैल 2014 को इलाज के दौरान
प्रेमसागर की मौत हो गई थी।
मामले में आरोपियों रामविशाल, रामचेत, जयप्रकाश और धनेछ गांव के गोविंद के
खिलाफ हत्या व जानलेवा हमला करने का मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपी
रामविशाल बीते दिनों से जेल में निरुद्घ है। आरोपी की जमानत अर्जी पर
बुधवार को सुनवाई होने पर अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभारी डीजीसी क्रिमिनल
तारकेश्वर सिंह व अधिवक्ता महेंद्र उपाध्याय ने विरोध करते हुए कहा कि
अभियुक्त रामविशाल घटना का मुख्य अभियुक्त है।