वक्फ इमामबाड़ा हयातनगर में निकले जुलूस में नौहा मातम करते लोग।
अमहट (सुल्तानपुर)। अंजुम पंजतनी तुराबखानी की ओर से छह मुहर्रम को हुसैनिया तुराबखानी में मजलिस हुई। मौलाना सरकार मेंहदी बस्ती ने हुसैन का पैगाम पेश किया। इस मौके पर जुलूस निकाला गया।
उन्होंने कहा कि ऐब (बुराई) की तलाश करने वाले की मिसाल उस मक्खी के जैसी है, जो सारा खूबसूरत बदन छोड़ कर सिर्फ जख्म पर बैठती है। हमेशा समझौता करना सीखो, क्योंकि थोड़ा सा झुक जाना, किसी रिश्ते के हमेशा के लिए टूट जाने से बेहतर है। कहा कि कोई झील अगर सूख भी जाय, तो मिट्टी से नमी नहीं जाती। इसी तरह मां मौत के बाद भी अपनी औलाद को दुआ देती रहती है। संवारना है, तो अपनी आत्मा को संवारो।
इसके बाद जुलूस इमामबाड़े से उठकर मस्जिद पर समाप्त हुआ। जुलूस में अलम ताबूत जुलजनाह शामिल रहे। अंजुमनों ने नौहा मातम किया। यह जानकारी हुसैनी शिया वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हैदर अब्बास खान ने दी है।
निकला जुलूस, अंजुमनों ने किया नौहा मातम
गोसाईगंज (सुल्तानपुर)। वक्फ इमामबाड़ा हयातनगर में बृहस्पतिवार सात मुहर्रम को रवायती अंदाज में मेहदी का जुलूस निकाला गया। जुलूस अपने कदीमी रास्ते से होता हुआ वक्फ इमामबाड़ा हयातनगर लाया गया। यहां पर मौलाना गालिब अब्बास जैदी ने तकरीर की। उन्होंने जनाबे कासिम की शहादत का पूरा मंजर बयान किया, जिसे सुनकर लोगों की आंखें नम हो गईं। जुलूस में शामिल अंजुमनों ने नौहा मातम किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। यह जानकारी कमेटी तमन्ना-ए-मूसा के अध्यक्ष कायम मेहदी चांद ने दी।