पंत स्टेडियम में गोल पोस्ट पर अभ्यास करते फुटबॉल खिलाड़ी। स्रोत- स्टेडियम
सुल्तानपुर। पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम में गोलपोस्ट पर अभ्यास कर फुटबॉल की नई पौध तैयार हो रही है। यहां, 50 से अधिक खिलाड़ी नियमित रूप से प्रशिक्षण ले रहे हैं। स्टेडियम का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसे 29 अप्रैल 2025 को खिलाड़ियों के लिए फिर से खोला गया था।
वॉलीबॉल और हैंडबॉल के लिए भी कोर्ट तैयार हैं। फुटबॉल के खिलाड़ियों के लिए अभी तक गोल पोस्ट की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण वे गोल करने की बारीकियों को सही तरीके से नहीं सीख पाते थे। गोलपोस्ट लग जाने से खिलाड़ियों को खेल के नियमों के साथ-साथ गोल करने की कला में भी निपुणता हासिल हो रही है।
वे गेंद को गोलपोस्ट के अंदर सटीक जगह पर मारने की तकनीक सीख रहे हैं। फुटबॉल कोच आशुतोष गुप्ता के अनुसार, हमलावर खिलाड़ी का मुख्य कार्य गोल करना होता है, और इसके लिए गोल पोस्ट पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। फुटबॉल खिलाड़ी अंकित, शिवा पाल, खुशी उपाध्याय, वाशू पांडेय, निमित सिंह सिंह ने बताया कि गोल पोस्ट लग जाने से अभ्यास करने में सुविधा मिल रही है।
क्या होता है गोल पोस्ट
जिला क्रीड़ाधिकारी और यूपी हॉकी टीम के कोच राजेश कुमार सोनकर ने बताया कि गोल पोस्ट खिलाड़ियों को गोल करने के लिए एक निश्चित लक्ष्य प्रदान करता है। यह मैदान के दोनों छोर पर स्थित होता है। हॉकी गोलपोस्ट की ऊंचाई 7 फीट और चौड़ाई 12 फीट होती है। यह गोलकीपर के बचाव करने और पेनाल्टी स्ट्रोक व कॉर्नर के निर्धारण में विशेष भूमिका निभाता है। गोल पोस्ट खिलाड़ियों को लक्ष्य निर्धारित करने और खेल की दिशा तय करने में सहायता करता है। खिलाड़ी गेंद को गोल के अंदर डालकर अंक हासिल करने का प्रयास करते हैं, जो खेल का मूल उद्देश्य है।