सुल्तानपुर। जिले में 60 एकड़ में नई कचहरी बनेगी। इसके लिए 63 लाख रुपये की सौगात दी गई है। यह घोषणा प्रदेश के विधि एवं न्याय मंत्री बृजेश पाठक ने की।
वे शनिवार को शहर स्थित पं. रामनरेश त्रिपाठी सभागार में बार एसोसिएशन के शताब्दी वर्ष समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यूपी में संगठित अपराध गिरोह खत्म हो रहा है। कानून व्यवस्था पटरी पर लौट आई है। दोबारा यूपी में भाजपा सरकार बनाएगी।
उन्होंने कहा कि हमने एयरलाइंस और एक्सप्रेस वे बढ़ाएं हैं। वकालत पेशा बुलंदी पर है। पीड़ित व वंचित लोगों को न्याय दिलाने में वकीलों की बड़ी भूमिका होती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति चंद्रधारी सिंह ने कहा कि बार-बेंच का दायित्व है कि जस्टिस डिलीवरी सिस्टम चलता रहे। दोनों समाज के सेवक हैं।
निर्णय में देरी नहीं होनी चाहिए। न्याय मिलने में विलंब होने पर धीरे-धीरे लोगों का विश्वास कम हो जाता है। इस पर विचार करने की जरूरत बताई। उन्होंने कम से कम न्यायिक कार्य बहिष्कार की जरूरत बताते हुए वादकारियों को तत्काल राहत दिलाने पर जोर दिया। कहा कि हमें बार के गौरवमयी इतिहास को याद रखना चाहिए।
पूर्वजों से हमें प्रेरणा लेने की जरूरत है। जिला जज संतोष राय ने कहा कि अधिवक्ता का पेशा बहुत ही संघर्षशील है। सीनियर वकीलों से सीखने की जरूरत है। सीनियर अधिवक्ता उच्च मानदंड स्थापित करें, जिससे जूनियर वकील प्रेरित हों। विधिक ज्ञान के लिए एक अच्छी लाइब्रेरी होनी चाहिए।
बार कौंसिल ऑफ उप्र के अध्यक्ष रोहिताश्व कुमार अग्रवाल ने कहा कि विश्व की बड़ी क्रांति में वकीलों ने भाग लिया था। वकीलों को अनुशासन में रहना चाहिए। प्रदेश में वकीलों के साथ हो रही घटनाओं पर चिंता जताई। कहा कि वकीलों की सुरक्षा के लिए प्रदेश में एडवोकेट प्रोटक्शन एक्ट लागू होना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान न्यायिक अधिकारियों व बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्षों को स्मृति चिह्न व शाल देकर सम्मानित किया गया। बार एसोसिएशन अध्यक्ष नागेंद्र सिंह ने कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों का आभार जताया।
कार्यक्रम में बार कौंसिल ऑफ उप्र के सह अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल, एडीजे राकेश यादव, सीजेएम हरीश कुमार, विधायक सीताराम वर्मा, अधिवक्ता परिषद के जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह राजा, बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष इंद्रकुमार शुक्ल, रामप्रकाश द्विवेदी, पूर्व अध्यक्ष रामविशाल तिवारी, शिवमंगल शुक्ल, बार के पूर्व सचिव योगेंद्र सिंह, डीजीसी क्रिमिनल तारकेश्वर सिंह, रमेश सिंह, संतोष पांडेय, सांसद प्रतिनिधि रणजीत कुमार समेत कई लोग मौजूद रहे।