शहर से सटे नेकराही शरीफ में हजरत हाजी अल्लाह मान शाह वारसी रहमत अलैह के 71वें सालाना उर्स का बुधवार को आगाज हो गया। शहर के नार्मल चौराहा वारिस मंजिल से परचम (झंडा) जुलूस दरगाह नेकराही शरीफ तक निकाला गया।
बुधवार को शहर से सटे नेकराही शरीफ में पांच दिवसीय सालाना उर्स का आगाज हुआ। यह उर्स हजरत हाजी सैय्यद हाफिज वारिस अली शाह देवा शरीफ की याद में मनाया जाता है। इसमें सभी धर्म के लोग शामिल होते हैं। दरगाह नेकराही शरीफ में मेल-मिलाप, भाईचारा, आपसी सौहार्द्र, गंगा-जमुनी तहजीब का अनूठा संगम देखने को मिलता है। बुधवार को शहर के नार्मल चौराहा वारिस मंजिल से जुलूस निकाला गया।
जुलूस में शामिल लोग नेकराही शरीफ तक गए। दरगाह नेकराही शरीफ के खादिम (मुख्य कार्यकर्ता) हजरत शाह वारसी ने बताया कि जुलूस का झंडा गाजीपुर से लाया गया। सदस्य तारिक वसीम कहते हैं कि उर्स में सभी धर्म के लोग शामिल होते हैं। बाबा की मजार पर माथा टेकने पहुंचते हैं। दूरदराज से आने वाले जायरीनों के रुकने व खाने-पीने का प्रबंध किया गया है।