सुल्तानपुर। जयसिंहपुर विकास खंड क्षेत्र की पांच ग्राम पंचायतों में सिर्फ अभिलेखों की जांच के दौरान 40 लाख रुपये के विकास कार्यों में अनियमितता मिली है।
जांच में पांच ग्राम पंचायत सचिव व पांच तत्कालीन ग्राम प्रधान आरोपी पाए गए हैं। बड़ी अनियमितता मिलने पर जिला पंचायतराज अधिकारी की रिपोर्ट पर डीएम ने पांचों पंचायतों के सचिव व तत्कालीन चार ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।
मुख्य विकास अधिकारी अतुल वत्स की ओर से क्षेत्र जयसिंहपुर में आयोजित ब्लॉक दिवस पर विकास खंड की अमिलिया बिसुई, निदूरा, गोपालपुर द्वितीय, भीखूपुर व भिदूरा में कराए गए विकास कार्यों के अभिलेखों के सत्यापन का निर्देश दिया था।
जिला विकास अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी व अन्य अधिकारियों के निरीक्षण में पांचों ग्राम पंचायत में करीब 40 लाख 30 हजार रुपये से कराए गए विभिन्न कार्यों में अनियमितता मिली है। जांच में ग्राम पंचायतों की ओर से पूरे अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए।
ग्राम पंचायतों को भेेजी गई धनराशि व खर्च के उपलब्ध रिकॉर्ड के सत्यापन में विकास कार्यों में गड़बड़ी पकड़ी गई है। पांचों ग्राम पंचायतों में 40 लाख 30 हजार रुपये के विकास कार्यों में अनियमितता मिलने पर डीपीआरओ आरके भारती ने डीएम को रिपोर्ट सौंपी।
डीएम रवीश गुप्ता ने अमिलिया बिसुई के सेक्रेटरी बृजेश कुमार, निदूरा के सेक्रेटरी हृदयराम मौर्या व तत्कालीन ग्राम प्रधान अनिल कुमार वर्मा, गोपालपुर द्वितीय के सेक्रेटरी राजधर पांडेय व तत्कालीन ग्राम प्रधान वंश बहादुर सिंह, भीखूपुर के सेक्रेटरी योगराज पटेल व तत्कालीन ग्राम प्रधान दमयंती, भिदूरा के सेक्रेटरी सौरभ वर्मा व तत्कालीन ग्राम प्रधान वंशराज वर्मा के खिलाफ नोटिस जारी किया है।
अमिलिया बिसुई के तत्कालीन ग्राम प्रधान की मौत की वजह से नोटिस जारी नहीं किया गया। डीएम ने तत्कालीन चार ग्राम प्रधानों व पांच पंचायत सचिवों से निर्धारित समय में जवाब मांगा है। जवाब न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
ग्राम पंचायतवार मिली अनियमितता
पांचों ग्राम पंचायत के रिकार्डों के कराए गए सत्यापन में करीब 40.30 लाख रुपये के कार्यों में अनियमितता पकड़ी गई है। पंचायतराज विभाग के मुताबिक अमिलिया बिसुई में 7.58 लाख, निदूरा में 10.55 लाख, गोपालपुर द्वितीय में 9.09 लाख, भीखूपुर में 6.26 लाख व भिदूरा में 6.82 लाख रुपये के विकास कार्यों में गड़बड़ी मिली है। जांच में पंचायत सचिव व तत्कालीन ग्राम प्रधान आरोपी पाए गए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर पांच ग्राम पंचायतों के अभिलेखों की जांच की गई थी। जांच में वित्तीय अनियमितता मिलने के बाद डीएम की ओर से तत्कालीन ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिवों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
- आरके भारती, जिला पंचायतराज अधिकारी