सुल्तानपुर। जिले में सैकड़ों किसान के पास 20 से 30 बीघे तक सिर्फ गेहूं की खेती होती है। बड़े काश्तकारों को 15 से 20 बोरी डीएपी खाद की जरूरत पड़ती है। वर्तमान में साधन सहकारी समितियों पर डीएपी खाद की किल्लत चल रही है। किसानों को लाइन में लगने के बाद एक-एक बोरी डीएपी दी जाती है।
बड़े काश्तकारों को खाद नहीं मिलने से कृषि विभाग के अधिकारियों के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है। किसान असली-नकली और सस्ती-महंगी की परवाह किए बिना निजी दुकानों पर खाद लेने को विवश हैं। रबी की फसल बोआई का सीजन चरम पर है। सरसों, गेहूं सहित अन्य फसल की बोआई करने के लिए किसान डीएपी खाद का प्रयोग करते हैं। मौजूदा समय में बल्दीराय तहसील क्षेत्र में किसी भी समिति पर डीएपी नहीं है।
साधन सहकारी समिति के सचिव किसानों को दो-चार दिन बाद आने की बात कहकर अपना पीछा छुड़ा रहे हैं। कई बड़े काश्तकार हैं, जिन्होंने गेहूं की बोआई कराने के लिए खेत तैयार कर रखा है। बीज भी रख लिया है। अब उन्हें सिर्फ खाद का इंतजार करना पड़ रहा है। यदि समय पर खाद नहीं मिली तो खेत की नमी भी जाने का डर सताने लगा है। समितियों पर डीएपी को छोड़ अन्य उर्वरक मौजूद है। किसानों को सिर्फ डीएपी खाद पर ही भरोसा है।
बल्दीराय तहसील के कांपा समिति के सचिव राजेंद्र बताते हैं कि जिले से डिमांड मांगी जा रही है। तीन-चार दिन में डीएपी आने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि सचिव पिछले 15 दिन से यह बात कह रहे हैं। महुली के पूर्व प्रधान राजाराम ने बताया कि बड़ी सिफारिश से मंगलवार को कुड़वार के सुरेश नगर बाजार से एक दुकान से 1500 रुपये में डीएपी मिली है।
किसी को 12 तो किसी को 20 बोरी डीएपी की जरूरत
बल्दीराय तहसील क्षेत्र के पिपरी गांव निवासी संजय सिंह बॉबी को 60 बीघा गेहूं बोना है। वह बताते हैं कि उन्हें 20 बोरी डीएपी की जरूरत है। कहा कि पता चल रहा है कि जब खाद आएगी तो एक-एक बोरी ही मिलेगी। उमरा गांव के सुरेंद्र बहादुर सिंह को 45 बीघे में गेहूं की बोआई के लिए 15 बोरी डीएपी की जरूरत है। दुकानों पर मिलने वाली खाद पर असली होने का भरोसा नहीं है। बड़ाडांड़ के पंचम यादव को 12 बोरी डीएपी खाद की जरूरत है। उन्होंने बताया कि डीएपी के लिए ऐसा संकट काफी दिन बाद देखने को मिला है। डेहरियावां के अखिलेश कुमार सिंह को 15 बोरी डीएपी की आवश्यकता है। वे कहते हैं कि क्षेत्र की सभी समितियों पर दौड़ कर थक गया हूं। बोआई कैसे होगी, इसकी चिंता सता रही है। यदि देर में बोआई होगी तो पैदावार पर भी असर पड़ेगा।
जल्द समितियों पर भेजी जाएगी खाद
जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने बताया कि अयोध्या से निजी कंपनी की डीएपी सोमवार को 380 एमटी और मंगलवार को 253 एमटी डीएपी जिले में आई है। इसके अलावा उड़ीसा से भी इफको खाद की रैक आने वाली है। तीन दिन में जिले की समितियों पर खाद वितरण करने के लिए पहुंच जाएगी।