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नवरात्र को लेकर सजने लगे देवी मंदिर

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नयना माता मंदिर में साफ-सफाई करते पुजारी। - फोटो : SULTANPUR
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सुल्तानपुर। चैत्र नवरात्र को लेकर देवी मंदिर सजने शुरू हो गए हैं। शहर समेत ग्रामीण अंचल के देवी मंदिरों की साफ-सफाई एवं रंग-रोगन के कार्य में तेज हो गया है। देवी मंदिरों पर दो अप्रैल से माता रानी के पूजा-पाठ की धूम रहेगी। पूजन, व्रत सामाग्री की खरीदारी को लेकर बाजार भी गुलजार हो गए हैं। शहर के चौक इलाके में सजी पूजन सामग्रियों की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई है।
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चैत्र नवरात्र शनिवार से शुरू हो रहा है। नवरात्र के समय देवी मंदिरों व अन्य देवालयों पर भक्तों की भीड़ उमड़ती है। नवरात्र की तैयारी को लेकर देवी मंदिर सजने लगे हैं। शहर के सीताकुंड, मां काली मंदिर शाहगंज, रुद्र नगर स्थित नयना माता मंदिर, लोहरामऊ स्थित देवी मंदिर समेत सभी देवी मंदिरों पर साफ-सफाई व रंग-रोगन का कार्य जोर-शोर से किया जा रहा है। देवी मंदिरों को सजाने का काम भी शुरू हो गया है। नवरात्र को लेकर बाजार में रौनक दिखने लगी है। शहर के चौक इलाके में खरीदारों की भीड़ जुटने लगी है। लोग अभी से ही पूजन सामग्रियों की खरीद करने लगे हैं। नौ दिन का व्रत रख रखने वाले लोग नारियल, चुनरी, कलश आदि की खरीदारी शुरू कर दिए हैं।
ऐसे करें कलश की स्थापना
शहर के शाहगंज चौराहा स्थित लाला बैजूशाह मंदिर के पुजारी व कथा व्यास बृजेशाचार्य महराज ने बताया कि कलश स्थापना से पहले स्नान कर मस्तक पर तिलक करने के बाद आचमन करें। कलश के नीचे बालू अथवा तीर्थ की मिट्टी में जौ बोकर कलश स्थापित करें। कलश में जल भरने के बाद हल्दी, दूब, पैसा, सुपाड़ी डालकर कलश के ऊपर चावल रखकर लाल वस्त्र से नारियल को लपेटकर कलश के ऊपर स्थापित करना चाहिए। घी का दीपक कलश के दाहिनी तरफ रखें। दुर्गा जी की फोटो के नीचे लाल वस्त्र बिछाएं। साथ में गौरी, गणेश, नवग्रह का भी पूजन करें। माता रानी को गुड़हल का फूल विशेष रूप से प्रिय है। नवरात्र में दुर्गा शप्तशती का पाठ ब्राह्मण से अथवा स्वयं करने से लाभ होता है।
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