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Sultanpur News: मेडिकल कॉलेज में 255 बेड के साथ बढ़ेंगी आधुनिक सुविधाएं

Fri, 01 Aug 2025 01:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
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सुल्तानपुर। जिले के राजकीय मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए यहां पर बेडों की संख्या 605 की जा रही है। वर्तमान में 350 बेड मरीजों का इलाज हो रहा है, जबकि 255 बेड और बढ़ाए जाएंगे। नई बिल्डिंग में 405 और पुरानी बिल्डिंग में 200 बेड होंगे। बेड के साथ अत्याधुनिक सुविधाओं से भी लैस किया जा रहा है, जिससे गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर करने की जरूरत न पड़े।
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सीएमएस डॉ. आरके मिश्रा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में 16, नई बिल्डिंग के तीसरे व चौथे मंजिल पर 120, ऑपरेशन थिएटर में 30, आईसीयू में 20, महिला अस्पताल में 80 बेड पर मरीजों का इलाज चल रहा है। नेत्र विभाग के ऊपर 50 व प्राइवेट वार्ड में 10 बेड पर इलाज की सुविधा है। पुरानी बिल्डिंग में 200 बेड स्थापित किए गए हैं, हालांकि अभी यहां सभी बेडों पर इलाज की सुविधा नहीं है।
मेडिकल कॉलेज में करीब 500 बेड स्थापित किए जा चुके हैं, शेष बेडों को लगाने का काम चल रहा है। बताया कि ऑक्सीजन पाइपलाइन, वेंटिलेटर यूनिट्स, आधुनिक बेड, फर्नीचर और डिजिटल जांच प्रणाली की स्थापना का काम लगभग पूरा हो गया है। मरीजों को खून, पेशाब, एक्स-रे, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और ईसीजी जैसी तमाम जांचें मेडिकल कॉलेज परिसर में ही मिलेंगी।
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बतााय कि सीटी स्कैन जांच के लिए मरीजाें को ट्रॉमा सेंटर अमहट जाना पड़ रहा है। अब तक सीमित बेड की संख्या के कारण गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था, लेकिन बेड संख्या बढ़ने से अब सभी मरीजों को यहीं प्राथमिक और आपातकालीन इलाज मिल सकेगा।

स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में बढ़ोतरी
इमरजेंसी, मेडिसिन, सर्जरी, गायनी, पीडियाट्रिक, ऑर्थोपेडिक व सभी विभागों की सुविधा में बढ़ोतरी की जा रही है। नई बिल्डिंग में अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, एसएनसीयू (नवजात शिशु देखभाल इकाई) और एचडीयू (हाई डिपेंडेंसी यूनिट) भी अपग्रेड की जा रही हैं। सुविधाएं बढ़ने से पांच जिले लाभांवित हाेंगे।


सुविधाएं बढ़ाने के काम में तेजी
मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। हमारे पास विशेषज्ञ पर्याप्त संख्या में हैं। स्टाफ की कमी भी पूरी की जा रही है। वर्ष 2027 तक यहां सभी स्वास्थ्य सुविधाएं संचालित करने का लक्ष्य है, कोशिश है कि गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों का यहीं इलाज हो सके, उन्हें हायर सेंटर रेफर करने की जरूरत न पड़े। डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
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