सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज के नए भवन में ओपीडी तो शुरू कर दी गई, लेकिन व्यवस्थाएं जस की तस हैं। यहां पेयजल का संकट है। प्रसाधन के भी उचित प्रबंध नहीं हैं। पंजीकरण के लिए छह काउंटर हैं, लेकिन केवल दो ही चल रहे हैं। यही हाल दवा वितरण का है। यहां पर भी केवल दो ही काउंटर संचालित हैं। ऊबड़-खाबड़ घुमावदार रास्ते व आने-जाने के ढाई फीट के संकरे गेट से नई बिल्डिंग तक पहुंचने में ही मरीज हांफ रहे हैं।
समय: सुबह 10:56 बजे
मुख्य गेट से नई बिल्डिंग तक पहुंचने में लगे 35 मिनट
मेडिकल कॉलेज के मुख्य गेट पर वाहनों की लंबी कतार लगी थी। वहां मौजूद गार्ड जाम हटाने के लिए मशक्कत करते दिखे। सड़क के दोनों ओर निजी गाड़ियां व एंबुलेंस खड़ी थीं। आने-जाने का एक ही गेट है। अमेठी कस्बा निवासी सरवर खान अपनी पत्नी का इलाज कराने कार से आए थे। उन्होंने बताया कि सुबह 10:21 बजे वह मुख्य गेट पर पहुंचे थे। उन्हें नई बिल्डिंग में ओपीडी तक पहुंचने में 35 मिनट लग गए।
समय: सुबह 11:38 बजे
फर्श व सीढि़यों पर बैठकर किया इंतजार
मरीज को लेकर आए तीमारदार प्रवेश द्वार की सीढि़यों व फर्श पर बैठकर इंतजार करते दिखे। सेमरी की निधि जायसवाल बाहर बैठी थीं। बताया कि वह अपने भाई के साथ बेटे राहुल का इलाज कराने आई हैं। ओपीडी में डॉक्टर ने एक्सरे के लिए लिखा तो भाई बेटे को लेकर एक्सरे कराने पुरानी बिल्डिंग में गए हैं। अंदर कहीं बैठने के लिए जगह नहीं मिली तो बाहर फर्श पर बैठकर उनका इंतजार कर रही हैं।
समय-दोपहर 12:33 बजे
रैंप व पेयजल की नहीं व्यवस्था, मरीज व तीमारदार परेशान बंधुआकलां की जेहरा ने बताया कि पानी पीने के लिए पुरानी बिल्डिंग के पास बनी टंकी तक जाना पड़ता है। कोहंडौर की सुरभि व रघुनाथपुर की रंजना ने बताया कि उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया था। ओपीडी से एक्सरे तक पहुंचने में काफी दिक्कतें हुईं। शोभित ने बताया कि बाहर से ओपीडी में जाने के लिए सीढि़यां हैं, सामने ही रैंप बना होता तो हड्डी के मरीजों को काफी सहूलियत होती।
समय: दोपहर 12:35 बजे
खांसी, जुकाम-बुखार व हड्डी रोग के आए ज्यादा मरीज
मौसम परिवर्तन के साथ ही मंगलवार को खांसी, जुकाम-बुखार व हड्डी रोग के ज्यादा मरीज आए। मेडिसिन व हड्डी रोग विभाग की ओपीडी के बाहर लंबी लाइन दिखी। फिजिशियन डॉ. आरपी द्विवेदी व आर्थो विभाग में डॉ. अनमोल रिबेलो मरीजों का इलाज कर रहे थे। बताया कि इन दिनों संक्रामक व हड्डी रोग के मामले ज्यादा आ रहे हैं।
जल्द दूर होगी अव्यवस्था
चरणबद्ध तरीके से व्यवस्थाएं सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। जो अव्यवस्थाएं हैं, उन्हें जल्द दूर करा दिया जाएगा।
डॉ. सुधीर कुमार गोयल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक