मां-बाप ने किसी तरह से बचाई खुद की जान
पटाखा कारोबारी नूर हसन के पिता बकरीदी व मां नाजिमा हैं। वह दोनों घटना के समय बाहर बैठे थे। धमाके के दौरान वह दोनों भी वहां से जान बचाने के लिए भागे थे। इसके अलावा वह दोनों कुछ नहीं बता सके।
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दो मौतों ने छीन ली हंसते-खेलते परिवार की खुशियां
नूर हसन व उनकी पत्नी नाजिया की कोई संतान नहीं है। जबकि भाभी अनीशा को दो बच्चे हैं। छोटा बेटा फैजान (05) और बड़ी बेटी तमन्ना (07) है। नूर हसन छह भाई थे। सबसे बड़े मेंहदी हसन, नंबर दो पर नवी हसन, तीसरे नंबर पर नूर हसन उसके बाद अली हसन, मीर हसन, गुल हसन हैं। उनकी दो बहने हैं। एक बहन रुकसार की शादी हो चुकी है। जबकि दूसरी बहन सकीना अविवाहित है। घटना के समय मेंहदी हसन का परिवार मायके में था।
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