सुल्तानपुर। साकेत व सुल्तानपुर-लोकमान्य तिलक ट्रेनें निरस्त होने का रविवार को आरक्षण केंद्र व जनरल टिकट खिड़कियों पर असर दिखा। तत्काल व सामान्य रिजर्वेशन लेने आए लोगों को अपेक्षाकृत दोगुने समय तक कतार में प्रतीक्षा करनी पड़ी। साइबर कैफे पर टिकट कैंसिल कराने वालों का तांता लगा रहा।
मुंबई जाने वाली साकेत व सुल्तानपुर-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस का टिकट रद्द कराने वालों की रविवार की सुबह से ही सुल्तानपुर, लंभुआ, मुसाफिरखाना व निहालगढ़ स्टेशन पर भीड़ जमा होने लगी। रेल प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तीनों खिड़कियों पर आरक्षण कैंसिल करने की व्यवस्था कर रखी थी। काउंटर के बगल ही टिकट रद्द कराने वाले फॉर्म रख दिए गए थे। हालांकि सुबह व शाम के समय यात्रियों की बढ़ी भीड़ ने व्यवस्था की पोल खोल दी। फॉर्म व टिकट रद्द कराने के लिए कई यात्रियों में नोक-झोंक भी हुई। आरपीएफ व जीआरपी सिपाहियों के ड्यूटी से गायब रहने से आरक्षण लिपिकों को यात्रियों को कई बार शांत कराना पड़ा। तत्काल व सामान्य रिजर्वेशन लेने आए लोगों को अपेक्षाकृत दोगुने समय तक कतार में प्रतीक्षा करनी पड़ी। साइबर कैफे पर टिकट कैंसिल कराने वालों का तांता लगा रहा।मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक लाल बहादुर ने बताया कि टिकट रद्द कराने वालों की संख्या 150 से अधिक दर्ज की गई।