सुल्तानपुर। सुबह के नौ बज चुके हैं। पयागीपुर चौराहे पर रोज इतने समय लगने वाला जाम नदारद है। अयोध्या प्रकरण को लेकर आने वाले फैसले को लेकर लोगों की आमद-रफ्त कम है। इक्का-दुक्का वाहन ही सड़क पर दिख रहे हैं।
चौराहे पर रोज जाम को नियंत्रित करने को लेकर मशक्कत करने वाली पुलिस मौजूद है लेकिन काम के दबाव से मुक्त। हां, आने-जाने वालों पर बिना रोक-टोक निगाह रख रही है।
चौराहे पर शहर को आने वाले टेम्पो का जमावड़ा नहीं है। दो टेम्पो खड़े मिले लेकिन वे शहर में आने को तैयार नहीं थे। क्या किसी ने मना किया है? यह पूछने पर न में जवाब दिया। कहा कि एक तो सवारियां कम निकल रही हैं।
दूसरे अयोध्या पर आने वाले फैसले की संवेदनशीलता को लेकर खुद-ब-खुद बंद रखने का निर्णय लिया है। रोज की तुलना में सड़क पर ई-रिक्शा की संख्या कम दिखी। जो सड़क पर निकले वे लोगों को बैठाते दिखे।
वहां से आगे बढ़ने पर दरियापुर तिराहे तक कमोबेश ऐसा ही नजारा दिखा। किसी भी तरह की आशंका से मुक्त जमाल गेट, बाधमंडी, शाहगंज चौराहे से लेकर तक दो दिनों से चल रही ईद-ए-मीलादुन्नबी की तैयारियां बदस्तूर जारी रहीं।
अंजुमनों के लोगों की निगरानी में बिजली की सजावट का काम चल रहा था। पयागीपुर चौराहे से लेकर बस अड्डे तक एक भी दुकान खुली नहीं दिखी। कुछ लोगों ने बताया कि एहतियात के तौर पर पुलिस ने चाय-पान की दुकानों को बंद करा दिया था।
जो अन्य दुकानें खुली थीं, पुलिस वाले उन्हें बंद करने की ताकीद कर गए। अधिकतर लोगों ने स्वयं ही दुकान बंद करने का निर्णय लिया था। घड़ी की सुइयां जैसे दस के पार निकलीं पुुलिस की गाड़ियों की आवाजाही बढ़ गई।
पुलिस के सायरन के साथ ही सड़क पर लोगों की संख्या भी कम होती गई। कोतवाली नगर से लेकर सब्जी मंडी, पंचरास्ता, नेशनल टॉकीज रोड, चौक गंदानाला, ठठेरी बाजार, रेलवे स्टेशन रोड हर तरफ सन्नाटा पसर गया।
इस बीच जो जहां रहा, विभिन्न माध्यमों से सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नजर बनाए रहा। पूर्वाह्न 11-30 बजे तक सुप्रीम कोर्ट के फैसले की स्थिति साफ हो चुकी थी। उसके बाद धीरे-धीरे जनजीवन पटरी पर लौटने लगा।
दोपहर एक बजे के बाद कुछ पान की गुमटियां खुली नजर आईं। कई दुकानों के शटर पहले आधे, फिर पूरे उठ गए। वैसे तो पूरे शहर में जिला व प्रशासन की सख्ती से कहीं लोग इकट्ठा नहीं नजर आए लेकिन फिर भी जो जहां रहा, उसकी जिज्ञासा और चर्चा का केंद्र अयोध्या प्रकरण पर आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला ही रहा।
शाम तक पूरा शहर अपनी रौ में आ गया। इसी के साथ पिछले कुछ दिनों से चल रहीं आशंकाएं भी समाप्त हो गईं। सब कुछ शांतिपूर्ण निपट जाने पर शहर वासियों ने राहत की सांस ली।