सुल्तानपुर। बच्चा नहीं होने पर विवाहिता की गला दबाकर हत्या करने के मामले में एडीजे अभिषेक सिन्हा ने आरोपी पति, सास व ससुर को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने तीनों को उम्रकैद व 13-13 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया है। मामला अमेठी जिले के कमरौली थाने के भटपुरवा गांव से जुड़ा है।
भटपुरवा गांव निवासी राजकुमार मिश्र के पुत्र मनोज मिश्र की शादी जून 2003 में शिवरतनगंज थाने के तिवारीपुर बड़ा गांव निवासी ओमप्रकाश तिवारी की पुत्री आरती के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही सास इंद्रावती, ननद राधा, सुधा और अलका तरह-तरह के बहाने बनाकर आरती को प्रताड़ित करती थीं। आरती को कोई बच्चा नहीं होने के कारण उसे और भी प्रताड़ित करना शुरू कर दिया गया था। आरती की सास इंद्रावती कहती थीं कि अकेला लड़का है हम उसकी दूसरी शादी कर लेंगे। आरोप है कि सात मार्च 2011 को ससुराली जनों ने आरती की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को छत पर साड़ी से फंदा लगाकर लटका दिया था।
सूचना पर पहुंचे मृतका के पिता ओमप्रकाश तिवारी ने पति मनोज मिश्र, ससुर राजकुमार व सास इंद्रावती और ननद राधा, सुधा व अलका के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के अभियोग में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोपी पति मनोज मिश्र, ससुर राजकुमार मिश्र व सास इंद्रावती के खिलाफ हत्या के अभियोग में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी, जबकि ननद राधा, सुधा व अलका की नामजदगी गलत पाते हुए उनका नाम निकाल दिया था।
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से घटना को साबित करने के लिए छह गवाह कोर्ट में पेश किए गए। बचाव पक्ष ने भी अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए तीन गवाहों को परीक्षित कराया था। एडीजे अभिषेक सिन्हा ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी पति मनोज मिश्र, ससुर राजकुमार मिश्र व इंद्रावती को हत्या और प्रताड़ना करने का दोषी करार दिया। कोर्ट ने तीनों अभियुक्तों को उम्रकैद व 13-13 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया है।