सुल्तानपुर। हैंडपंप के पास शौच करने से नाराज होकर मां की हत्या करने के आरोपी बेटे को कोर्ट ने बृहस्पतिवार को दोषी करार दिया। एडीजे चतुर्थ जलाल मोहम्मद अकबर ने हत्यारे बेटे को आजीवन कारावास व 15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के जयसिंहपुर खुर्द गांव निवासी महेंद्र विश्वकर्मा की मां रामलली हैंडपंप के पास शौच करती थी। इसी बात से नाराज होकर महेंद्र ने पहली जनवरी 2014 को रामलली की हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद उसका सिर कुएं में फेंक दिया था।
मृतका के पति सुकई विश्वकर्मा ने बेटे महेंद्र के खिलाफ हत्या व सबूत मिटाने का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से घटना को साबित करने के लिए सात गवाह कोर्ट में पेश किए गए। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने आरोपी महेंद्र विश्वकर्मा को हत्या व सबूत मिटाने का दोषी मानते हुए सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया है।