सुल्तानपुर। जिले में लेखपालों के आंदोलन का असर अब आम लोगों के काम पर पड़ रहा है। अतिरिक्त गांवों का प्रभार छोड़ने के बाद आय, जाति, निवास और ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्रों के सैकड़ों आवेदन अटक गए हैं। ऑनलाइन आवेदन के बावजूद लेखपाल की रिपोर्ट न लगने से लोग तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं।
प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर लेखपालों ने 22 सितंबर को अतिरिक्त गांवों का बस्ता तहसीलों में जमा कर दिया था। इसके बाद इन गांवों से जुड़े राजस्व संबंधी कार्य ठप हो गए हैं। सबसे अधिक असर उन प्रमाणपत्रों पर पड़ा है, जिनमें लेखपाल की रिपोर्ट आवश्यक होती है। पोर्टल पर आवेदन लंबित हैं, लेकिन रिपोर्ट न लगने से प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं। लेखपाल संघ के अध्यक्ष सुनील सिंह ने बताया कि लंबित मांगों का समाधान न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदेश कार्यकारिणी ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी दिया है।
लोगों की बढ़ी दिक्कतें
सदर तहसील के मिठनेपुर निवासी रामावती और बाबूलाल ने बच्चों के लिए आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र का आवेदन किया था। ग्राम सचिवालय से ऑनलाइन आवेदन के बाद भी लेखपाल की रिपोर्ट नहीं लगी है। खादर बसंतपुर नेवरा निवासी शिल्पा का सेवा संबंधी ईडब्ल्यूएस और आय प्रमाणपत्र आवेदन भी रिपोर्ट के इंतजार में अटका है। पलिया सरकौड़ा निवासी मोहित श्रीवास्तव को निवास प्रमाणपत्र के लिए बताया गया कि लेखपाल की रिपोर्ट न लगने से जारी नहीं हो सका है। एसडीएम सदर गरिमा सोनकिया ने कहा कि स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जा रहा है।