सुल्तानपुर। किसानों के समक्ष रबी की फसलों की बोआई व सिंचाई चिंता का विषय बनी है। आलू, गेहूं समेत अन्य फसलों की सिंचाई के लिए नहरों व माइनरों से पानी नहीं मिल पा रहा है।
जिले के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में नहरों व माइनरों का जाल फैला है। बल्दीराय, जयसिंहपुर, मोतिगरपुर, कूरेभार, कादीपुर, कुड़वार, भदैंया, लंभुआ व अन्य स्थानों पर नहरों व उनसे जुड़ी माइनरों में अभी तक टेल तक पानी नहीं पहुंच सका है।
माइनरों के आस-पास के क्षेत्र से जुड़े किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए मजबूरी में नलकूपों का सहारा लेना पड़ रहा है। जिले में सिंचाई खंड, सिंचाई खंड-16, सिंचाई खंड-49 के अंतर्गत नहरों व माइनरों का संचालन किया जा रहा है। कुड़वार, अलीगंज समेत अन्य क्षेत्रों में शारदा सहायक खंड-49 के अंतर्गत संचालित माइनरों में टेल तक पानी नहीं पहुंच सका है।
वहीं, सिंचाई खंड के अंतर्गत दूबेपुर व लंभुआ क्षेत्र में भी कई स्थानों पर माइनरें टेल तक सूखी हैं। सिंचाई खंड -16 के अंतर्गत बल्दीराय, कूरेभार, जयसिंहपुर, मोतिगरपुर, कादीपुर समेत अन्य स्थानों पर माइनरों की टेल तक पानी नहीं पहुंच सका है।
नहरों में पानी होने के बावजूद माइनरों में टेल तक पानी नहीं पहुंचने का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अभी नहरों में सिल्ट सफाई का कार्य चल रहा है। कूरेभार ब्लॉक के भरथीपुर, मिरदासपुर, भटपुरा, सुदनापुर, लाला का पूरा, कटघरा, सोनारा, पूरे वरवन, सरैया, इसहाकपुर, अलहदादपुर, रामचंद्रपुर समेत अन्य गांव के किसानों को सिंचाई के लिए निजी नलकूपों का सहारा लेेना पड़ रहा है।
कादीपुर तहसील क्षेत्र में भी नहरों में पानी नहीं आने से किसान परेशान हैं। क्षेत्र के जटाशंकर वर्मा, जवाहिर, पंचम, परमानंद पांडेय, जटाशंकर यादव का कहना है कि कभी भी नहरों में समय से पानी की आपूर्ति नहीं हो पाती है। गेहूं की बुआई पिछड़ रही है।
नहरों में पानी गायब है और अभी तक नहरों व माइनर की सफाई नहीं हो पाई है। इस समय नहरों व माइनर का सिल्ट सफाई का कार्य चल रहा है। माइनरों का सिल्ट सफाई का कार्य जेसीबी से कराया जा रहा है। मशीन संचालक व ठेकेदार सिर्फ माइनरों में जेसीबी दौड़ा कर सिल्ट सफाई का कोरम पूरा कर रहे हैं। नहर व माइनर में उगी झाड़-झंखाड़ जस की तस बनी है।
सिल्ट भी नहीं साफ हो सकी है। इससे टेल तक पानी पहुंचना मुश्किल है। शारदा सहायक खंड-16 के धरसौली से निकली भवानीपुर-अलहदादपुर माइनर में सिर्फ जेसीबी चलाई गई है। इसी तरह आयुपुर से निकली गोपालपुर माइनर, चोरमा माइनर भी है। इसमें सिल्ट सफाई के नाम पर खानापूर्ति की गई है।