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कुछमुछ गांव में फैला खसरा, 100 बीमार

Sat, 16 Apr 2016 10:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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खसरा - फोटो : अमर उजाला
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भदैंया ब्लॉक के कुछमुछ गांव में करीब माह भर से खसरा फैला हुआ है। खसरे  से एक बच्चे की मौत भी हो गई, बावजूद स्वास्थ्य विभाग के कान पर जूं नहीं  रेंग रही है। मौजूदा समय में हालत बदतर है। 100 बच्चे खसरे से  पीड़ित हैं। दिन प्रतिदिन इनकी संख्या बढ़ रही है। ग्रामीण प्राइवेट चिकित्सकों की शरण  में जाने को विवश हैं।
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ग्रामीणों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया  है। मुख्यालय से करीब नौ किलोमीटर की दूरी पर कुछमुछ गांव स्थित है।  करीब माह भर से कुछमुछ गांव और निषाद बस्ती में खसरा फैला हुआ है। गांव  निवासी महमूद की दो वर्षीय बेटी समीना की खसरे से बीते दो अप्रैल को मौत हो  गई थी।

जबकि महमूद के तीन बच्चे अमीना (8), अब्बास (5) व मुजीब (3) खसरे से  पीड़ित हैं। सीएचसी से कोई उपचार न मिल पाने पर महमूद अपने तीनों बच्चों को  प्राइवेट चिकित्सक के यहां दिखा रहे हैं। वसीम की दो वर्षीय बेटी चमक की  हालत ज्यादा खराब है।
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वसीम बेटी को लेकर लखनऊ में पड़े हैं। इसी गांव के ही  जीशान (2), साहब (3), शहजरीन (3), महेश (5), सज्जो (4), नाजरीन (8), सेहरा  (6), वजीद (8), चांद (6), आदिल (8), मेराज (7), सायरा (9), सैफ (5),  मुलसबर (8), सिराज (6), सायबा (7), सहरीन (8), साहिल, (4), फहीम (7), जैनब  (6), साजिया (5), राजिया (6) समेत 70 लोग खसरे से पीड़ित हैं।

इसी गांव के  निषाद बस्ती में बैजनाथ (35), परवेश (25), अजय (15), दिनेश (8), बीरबल  (40), रोशनी (8), अरविंद (10), अर्जुन (8), महेंद्र (12), सुरेंद्र (10),  केदार (25), रमाकांत (35) समेत 30 लोग पीड़ित हैं। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में खसरा फैलने की सूचना देने के बावजूद चिकित्सक नहीं आ रहे हैं।

दो बार सीएचसी से चिकित्सक पहुंचे लेकिन पीड़ितों का सही उपचार  नहीं किया। इसकी वजह से बीमारी महामारी का रूप ले रही है। कुछमुछ गांव के  प्रधान जुनैद अहमद और शाहिद लोगों की मदद  कर रहे हैं।
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