सुल्तानपुर। करौंदीकलां के नरायनपुर नागनाथपुर में ग्राम पंचायत की ओर से दिखाए 15 हैंडपंपों के रीबोर की पोल जांच में खुल गई है। सहायक विकास अधिकारी सहकारिता की जांच में हैंडपंपों के रिबोर में करीब 3.20 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई गई है। बीडीओ ने जांच रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को भेज दी है।
गांव निवासी राजेंद्र प्रसाद पांडेय ने ग्राम पंचायत में इंडिया मार्का- टू हैंडपंप रीबोर इंटरलॉकिंग कार्य में अनियमितता का आरोप लगाते हुए बीते वर्ष खंड विकास अधिकारी व डीएम से शिकायत की थी। उन्होंने ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव पर फर्जी कार्य दर्शाकर करीब सवा पांच लाख रुपये हड़प लेने का आरोप लगाया था। इस पर खंड विकास अधिकारी ने एडीओ से जांच करवाई थी। एडीओ की जांच में एक ने हैंडपंप की स्वयं अपने खर्च से मरम्मत कराना बताया।
एडीओ ने अन्य हैंडपंपों की जांच करते हुए पंचायत सचिव से कई बार इसका रिकॉर्ड मांगा, लेकिन पंचायत सचिव वीर बहादुर कोई साक्ष्य व रिकॉर्ड नहीं दे सके। इस पर एडीओ पंचायत ने तीन लाख 20 हजार वित्तीय अनियमितता बरते जाने की रिपोर्ट भेज दी। बीडीओ ने इसकी रिपोर्ट सीडीओ को भेज दी है। रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं किए जाने व अन्य मामलों की जांच नहीं कराए जाने पर शिकायतकर्ता राजेंद्र प्रसाद पांडेय ने दोबारा डीएम से शपथ पत्र के साथ शिकायत की है।
डीएम ने जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया है। मुख्य विकास अधिकारी ने जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी को एक सप्ताह में जांच करते हुए रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। दोबारा आदेश से प्रधान व पंचायत सचिव सकते हैं। सीडीओ अंकुर कौशिक ने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।