रोडवेज परिसर में यात्रियों के इंतजार में खड़ी बसें।
सुल्तानपुर। पितृपक्ष के चलते परिवहन निगम की रोजाना होने वाली आमदनी में पांच लाख की कमी आ गई है। सुल्तानपुर डिपो की अधिकांश बसें विभिन्न रूटों पर खाली दौड़ रही हैं। निगम के अधिकारियों का कहना है कि नवरात्र से व्यवस्था पटरी पर आने की उम्मीद है।
आठ सितंबर से शुरू हुआ पितृपक्ष का समापन रविवार को पितरों की विदाई के साथ हो जाएगा। परिवहन निगम की प्रतिदिन की इनकम का लक्ष्य 17,71,000 रुपये है। जब से पितृपक्ष शुरू हुआ है, तभी से प्रतिदिन औसतन पांच लाख का राजस्व नुकसान हो रहा है। स्टेशन इंचार्ज नान्हूराम सरोज ने बताया कि पितृपक्ष में शुभ काम करने और कहीं आने-जाने को ठीक नहीं माना जाता है।
बताया कि सोमवार से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहा है। उम्मीद है कि नवरात्र के साथ ही सवारियों की संख्या में इजाफा होगा। इससे निगम की आय भी बढ़ेगी।
बस चालक खोज रहे सवारी
सुल्तानपुर डिपो के पास निगम की 91 और अनुबंधित 64 बसें हैं। मौजूदा समय में कई बसें खाली ही सड़कों पर दौड़ रही हैं। परिचालकों को यात्री ढूंढ़ने से भी नहीं मिल रहे हैं। 15 मिनट के ठहराव के बाद प्रयागराज रवाना होने वाली बसें इन दिनों 30 मिनट तक डिपो पर सवारियों का इंतजार कर रही हैं। हर आधे घंटे पर अब तक लखनऊ के लिए बसें रवाना होती थीं। यात्रियों के नहीं आने से बसों का संचालन एक से डेढ़ घंटे में किया जा रहा है।