सुल्तानपुर। मनरेगा के कार्यों में फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए नए युक्तधारा पोर्टल पर ग्राम पंचायतों की आईडी बनाने का काम काफी धीमी रफ्तार से हो रहा है। इसके चलते ही अभी तक 979 में 661 ग्राम पंचायतों की आईडी तक नहीं बन सकी है। पिछले दिनों समीक्षा में स्थिति खराब मिलने पर मनरेगा आयुक्त ने सभी जिम्मेदारों को 31 दिसंबर तक आईडी बनाने का निर्देश दिया है।
मनरेगा के नए बनाए गए युक्तधारा पोर्टल पर सभी 979 ग्राम पंचायतों की आईडी बनाने के निर्देश हैं। आईडी बनने पर इसी पोर्टल पर ग्राम पंचायतों में मनरेगा से कराए जाने वाले काम की कार्ययोजना व फोटो अपलोड किए जाने का प्रावधान किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक इसमें स्थल की फर्जी फोटो अपलोड होने पर पोर्टल उसे खारिज कर देगा। पूर्व में मनरेगा से हुए कार्य पर दोबारा कार्य कराने की कोशिश की स्थिति में उस स्थल की फोटो को घटा-बढ़ाकर अपलोड करने पर वह भी निरस्त हो जाएगी। केवल नए स्थल की फोटो व कार्य का नाम ही युक्तधारा पोर्टल पर अपलोड हो सकेगा।
रोजगार सेवकों की तरफ से अक्तूबर से सभी ग्राम पंचायतों की आईडी बनाने का कार्य किया जा रहा है। काफी धीमी रफ्तार से हो रहे इस कार्य के कारण करीब ढाई माह की अवधि में अभी तक सिर्फ 318 ग्राम पंचायताें की आईडी ही बन सकी है। अब 31 दिसंबर तक 661 ग्राम पंचायतों की आईडी बनाना भी बड़ी चुनौती बना है।
14 ग्राम पंचायतों में चल रहा काम
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर अभी 14 ग्राम पंचायतों में युक्तधारा पोर्टल पर कार्ययोजना फीड हुई है। इन ग्राम पंचायतों में युक्तधारा पोर्टल पर फीड कार्ययोजना के मुताबिक मनरेगा से काम कराया जा रहा है। मनरेगा उपायुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि रोजगार सेवकों को 31 दिसंबर तक सभी ग्राम पंचायतों की आईडी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्य की समीक्षा अब नियमित तौर पर एपीओ स्तर पर होगी। लापरवाही बरतने वाले रोजगार सेवकों पर कार्रवाई भी तय होगी।