सुल्तानपुर की फेमिली कोर्ट में शनिवार को गवाही देने पहुंचे पति ने भरी अदालत में पत्नी को तीन तलाक दे दिया। तीन तलाक देने की बात स्वीकार करने पर फैमिली कोर्ट के अपर न्यायाधीश तृतीय आनंद प्रकाश ने मामले को संज्ञान में लेते हुए पति को हिरासत में लेने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने सीजेएम को पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया है। कोर्ट की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया। मामला धम्मौर थाने के लौहर दक्षिण गांव से जुड़ा है। गांव निवासी फुरकान अहमद की शादी करीब 19 वर्ष पूर्व गांव की ही फरजाना खातून के साथ हुई थी। दंपती के बीच पारिवारिक विवाद होने पर दोनों अलग रहने लगे थे। फरजाना खातून ने पति से गुजारा भत्ता के लिए कोर्ट में केस दायर किया था। इसी मामले में सुनवाई के लिए 26 अक्तूबर की तिथि नियत की गई थी।
शनिवार को पति फुरकान अहमद कोर्ट में गवाही देने पहुंचा तो उसने भरी अदालत में पत्नी फरजाना खातून को तीन तलाक दे दिया। फरजाना खातून के अधिवक्ता मो. अनीस खां ने फुरकान अहमद ने जिरह में पूछा तो उसने स्वीकार किया कि अदालत में ही तीन तलाक दिया है। पीड़िता के अधिवक्ता की ओर से मांग की गई कि तीन तलाक को कानून में दंडनीय अपराध घोषित किया गया है। ऐसी स्थिति में पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए।
फैमिली कोर्ट के अपर न्यायाधीश तृतीय आनंद प्रकाश ने भी पति व पत्नी से तलाक देने के बारे में पूछा तो दोनों ने कोर्ट में तीन तलाक देने की बात स्वीकार कर ली। इस पर कोर्ट ने पति को हिरासत में लेने का आदेश दिया। कोर्ट ने सीजेएम के पास मामला भेजते हुए उन्हें आरोपी पति के खिलाफ मुुकदमा (परिवाद) दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा रहा।