सुल्तानपुर। कोरोना संक्रमण में बढ़ोतरी से शहर का प्रमुख हिस्सा बंदी की चपेट में आ गया है। शनिवार की रात शहर के प्रमुख हिस्सों को हॉट स्पॉट जोन घोषित कर दिए जाने के बाद सोमवार को मुख्य शहर बंद रहा। आदेश के अनुपालन में दुकान, प्रतिष्ठान बंद रहे। आमजन के लिए सरकारी कार्यालय भी बंद रहे।
पहली बार मेडिकल स्टोर बंद किए जाने से इमरजेंसी समेत अन्य मरीजों की दिक्कतें बढ़ने के आसार हैं। हॉट स्पॉट जोन में पुलिस व नामित राजस्व कर्मी गश्त करते रहे। हालांकि हॉट स्पॉट जोन में मुख्य मार्ग पर आवाजाही में कुछ ढील दी गई। इसकी वजह से जरूरी कार्य से निकलने वालों को दिक्कतें नहीं उठानी पड़ीं। प्रमुख हिस्सा बंद होने से शहर की व्यावसायिक गतिविधियां ठप हो गई हैं।
शहर में कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ने से जिला मजिस्ट्रेट सी. इंदुमती ने शनिवार की रात एक आदेश जारी करते हुए नौ कंटेनमेंट जोन को मिलाकर एक हॉट स्पॉट घोषित कर दिया था। नौ कंटेनमेंट जोन को मिलाकर घोषित किए गए हॉट स्पॉट में शहर का प्रमुख हिस्सा समा गया है। यह हिस्सा हॉट स्पॉट के दायरे में आ जाने से व्यावसायिक गतिविधियां ठप हो गई हैं।
सभी प्रकार की दुकानें व प्रतिष्ठान बंद कर दिए गए हैं। हॉट स्पॉट जोन में कलेक्ट्रेट, विकास भवन, जिला पंचायत, गन्ना विभाग, वाणिज्य कर, उद्यान, डाकघर, दूर संचार समेत दर्जनों विभागों के कार्यालय आ जाने से इसे आमलोगों के लिए बंद कर दिया गया है। हॉट स्पॉट में आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने के बाद नाके व चौराहों पर पुलिस लगा दी गई है।
पुलिस के साथ प्रत्येक पॉइंट पर राजस्व कर्मी भी लगाए गए हैं। हालांकि शहर के हॉट स्पॉट जोन में पड़ने वाले अयोध्या-प्रयागराज और लखनऊ हाईवे पर आवाजाही में पुलिस व प्रशासन की ओर से कुछ ढील दी गई। इसकी वजह से जरूरी कार्यों से लोग इन मार्गों से निकल सके। बारिश के बाद भी आदेश के अनुपालन में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी शहर का जायजा लेते रहे।
पहली बार बंद किए गए मेडिकल स्टोर
शहर में एक हॉट स्पॉट जोन घोषित किए जाने पर उसके दायरे में आने वाले मेडिकल स्टोर भी पहली बार बंद कर दिए गए। यहां तक कि जिला अस्पताल के पास स्थित मेडिकल स्टोरों के पहली बार बंद किए जाने से मरीजों को दिक्कत बढ़ने के आसार हैं। इसमें जिला अस्पताल आने वाले इमरजेंसी मरीजों के अलावा नियमित दवा खाने वाले मरीजों को परेशानी पैदा हो सकती है।
इंसीडेंट कमांडर/उप जिलाधिकारी सदर रामजी लाल ने मेडिकल स्टोर संचालकों को दवाओं की होम डिलीवरी के लिए पास जारी करने का ऐलान किया है लेकिन मेडिकल स्टोर संचालक पास लेने के पक्ष में नहीं हैं। इस संबंध में मेडिकल स्टोर संचालकों का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम सदर से मिला है। हालांकि अभी इस पर कुछ निर्णय प्रशासन की ओर से नहीं आ सका है। दवा विक्रेता मनोज कुमार का कहना है कि होम डिलीवरी से मेडिकल स्टोर संचालकों को दिक्कतें होंगी। होम डिलीवरी की व्यवस्था केवल थोक विक्रेताओं के लिए हो सकती है।
पहले दिन बनी रही घर-घर आपूर्ति की दिक्कत
हॉट स्पॉट जोन घोषित होने के बाद शहर में पहले दिन आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से शुरू नहीं हो सकी। बारिश की वजह से ठेले वाले भी कम निकले। अभी घर-घर आपूर्ति के मामले में पास की दिक्कत भी सामने आ रही है। किराना स्टोर संबंधी सामानों की घर-घर आपूर्ति के लिए भी दिक्कत बनी है।
एक फोटो व विवरण के साथ पास के लिए करना होगा आवेदन
हॉट स्पॉट जोन बनाए जाने के बाद प्रशासन ने तहसील सदर में पास के लिए एक काउंटर स्थापित किया है। उपजिलाधिकारी सदर ने बताया कि तहसील में एआरके गौरीशंकर को इसके लिए नामित किया गया है। पास चाहने वालों को अपने पूरे विवरण के साथ एक फोटो लेकर आवेदन करना होगा। उनकी ओर से चयनित गली का पास जारी किया जाएगा।
पास लेने वाले मेडिकल स्टोर संचालक सीधे नहीं बेच सकेंगे दवा
एसडीएम सदर/इंसीडेंट कमांडर रामजी लाल ने बताया कि हॉट स्पॉट जोन में कोई दुकान नहीं खुलेगी। होम डिलीवरी का पास लेने वाले मेडिकल स्टोरों के आधे शटर खुले रहेंगे लेकिन वे दुकान से सीधे ग्राहक को दवा नहीं बेच सकेंगे। उन्हें डिलीवरी ब्वॉय के माध्यम से दवा पहुंचानी होगी। इसी तरह पासधारक किराना, फल, सब्जी, दूध आदि की डिलीवरी घर-घर करेंगे।