जिला अस्पताल में लगा वाटर कूलर।
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सुल्तानपुर। जिला अस्पताल में स्थापित ओवरहेड टैंक (पानी की टंकी) का मोटर शनिवार की शाम फुंक गया। मोटर फुंकने से जिला अस्पताल में जलापूर्ति ठप हो गई। सोमवार को भी मोटर ठीक नहीं होने से मरीजों के साथ तीमारदार और स्वास्थ्य कर्मी पेयजल के लिए परेशान हैं। किसी तरह से जुगाड़ लगाकर टंकी से पानी निकाला जा रहा है। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में लगे दो वाटर कूलर से मरीजों तक पानी पहुंचाने का प्रयास हो रहा है। सोमवार को ओपीडी में मरीज की भीड़ होने से जल संकट गहरा गया। ऐसे में जिला अस्पताल के सीएमएस ने नगर पालिका से पानी के टैंकरों की व्यवस्था की। इसके बाद भी संकट से निजात नहीं मिल सकी।
जिला अस्पताल में ओवरहेड टैंक से पानी की आपूर्ति होती है। शनिवार की शाम पानी की टंकी का मोटर जल गया। इसकी वजह से पूरे अस्पताल में पानी की आपूर्ति ठप हो गई। जनरल, पेइंग, चिल्ड्रेन व सर्जिकल वार्ड के साथ इमरजेंसी वार्ड और शौचालय तक में पानी की सप्लाई पूरी तरह से बंद हो गई। वार्डों में भर्ती मरीजों के साथ उनके तीमारदार सभी पानी के लिए परेशान हैं। जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में लगे वाटर कूलर से सीमित मात्रा में मरीजों को पानी उपलब्ध कराया गया। सोमवार को स्वास्थ्य कर्मियों ने पानी की टंकी पर चढ़कर उसमें पाइप डालकर पहले से मौजूद पानी को बाहर निकालने के लिए जुगाड़ लगाया, लेकिन ये नाकाफी साबित हुआ।
उधर भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ सोमवार को ओपीडी में भीड़ बढ़ने से जल संकट और गहरा गया। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एससी कौशल ने पानी की टंकी के फुंके मोटर को बनाने के लिए मिस्त्री को बुलाया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका था। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में पानी के संकट को देखते हुए नगर पालिका के ईओ से पानी के दो टैंकरों मंगाए गए है। नगर पालिका परिषद के ईओ श्यामेंद्र मोहन ने बताया कि पानी के दो टैंकर जिला अस्पताल भेज दिए गए हैं।