सुल्तानपुर। सर्दी शुरू होते ही बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक निमोनिया की चपेट में आकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। निजी अस्पतालों का भी यही हाल है। चिकित्सक बच्चों व बुजुर्गों को भर्ती कर इलाज कर रहे हैं। कुछ मरीजों को ऑक्सीजन तक देनी पड़ रही है। चिकित्सक बच्चों और बुजुर्गों को गर्म कपड़े पहनने के साथ ही सर्दी से बचने की सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 12 सौ से लेकर 14 सौ मरीजों की ओपीडी होती है। इन दिनों सर्दी बढ़ने से बुजुर्ग व बच्चे जिला अस्पताल व निजी अस्पताल पहुंच रहे हैं। बच्चों व बुजुर्गों में सांस के साथ ही बुखार और कफ की दिक्कत है। चिकित्सकों की सलाह है कि सर्दी में बच्चे खुद की हिफाजत नहीं कर पाते और निमोनिया से पीड़ित हो जाते हैं। यही हाल बुजुर्गों का भी है। अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को ऑक्सीजन के साथ ही निबोलाइजर किया जा रहा है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एससी कौशल ने बताया कि निमोनिया के लक्षण में प्रमुख रूप से बलगम के साथ खांसी आती है। दिल की धड़कन तेज हो जाती है। साथ ही बुखार के साथ ठंड लगती है। सांस लेने में दिक्कत होती है। सांस में घरघराहट की आवाज आती है। हल्की सांस भी फूलती है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधाकर सिंह ने बताया कि विश्व टीकाकरण कार्यक्रम के तहत इस वर्ष भारत में बच्चों की रक्षा के लिए एक नया टीका पेश किया गया है। इसे न्यूमोकोकल कांजुगेट वैक्सीन कहा जाता है। यह नया टीका उन बच्चों के लिए होगा, जिन्हें इसकी आवश्यकता है। यह टीका निशुल्क लगाया जाएगा। सर्दी के मौसम में बच्चों को ठंड से बचाएं।