काव्य पाठ करते कवि अभिनव सिंह। संवाद
सुल्तानपुर। ‘हमारी चेतना, सम्मान, अभिमान है हिंदी, दिलों को जोड़ती स्नेह की पहचान है हिंदी’। यह काव्य पाठ कवि अभिमन्यु शुक्ल तरंग ने हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर करौंदिया मोहल्ले में आयोजित कवि सम्मेलन में पढ़ी।
रविवार को करौंदिया स्थित एक मैरिज लॉन में हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर घर सुल्तानपुर और उदगार मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. एमपी सिंह ने दीप जलाकर किया। कवि सम्मेलन के अध्यक्ष नरेंद्र शुक्ल व संयोजक कवि केशव प्रसाद सिंह रहे। काव्य पाठ की शुरुआत मनोज सुल्तानपुरी के सरस्वती वंदन से हुई। इसके बाद रोहित राय ने शृंगार रस की कविता पढ़ी। उद्धव गोपी संवाद की उनकी पंक्तियां खूब सराही गईं। कवि अभिनव सिंह ने ‘मगर जो सिर उठाए और भारत मां को गाली दे, कसम तुमको भवानी को वहीं सिर काटने होंगे’।
कवयित्री अंजली द्विवेदी ने अपनी रचना ‘आज न जाने क्यों ऐसे रो रहे थे, क्या हुआ, क्या पता क्या खो रहे थे’ पढ़ी। इसके अलावा कवि केशव सिंह, कवि नरेंद्र शुक्ल, कवि अनुपम द्विवेदी, कवि अभिनव सिंह, कवि हरिनाथ शुक्ल, कवि राजकपूर शुक्ल और सत्या पंडित ने भी अपनी रचनाएं पढ़ी। इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीन कुमार अग्रवाल, जीआईसी के पूर्व प्रधानाचार्य अनिल सिंह, केएनआई के असिस्टेंट प्रोफेसर राघवेंद्र त्रिपाठी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष चंदन नारायण सिंह, घर सुल्तानपुर के संयोजक नितिन मिश्र, भाजपा नेता संदीप मिश्र, प्रीति प्रकाश, अखिलेश पर्वत, कांग्रेस नेता वरुण मिश्र सहित बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे।