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ग्रामीण अंचल में गरीबों की मदद को बढ़े हाथ

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सुल्तानपुर। कोरोना वायरस से बचाव को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन है। लॉकडाउन से शहर समेत ग्रामीण अंचल में कर्फ्यू जैसे हालात हैं। बहुत से लोग ऐसे हैं, जिनकी दिहाड़ी से ही घर के चूल्हे जलते हैं। रोज की कमाई से पूरे परिवार को दो जून की रोटी नसीब होती है।
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लॉकडाउन से दिहाड़ी मजदूरों का काम-काज पूरी तरह ठप हो गया है। इससे उन परिवारों की रोजी-रोटी भी छिन गई है। ग्रामीण इलाकों में ऐसे परिवारों की मदद के लिए तमाम लोगों ने हाथ बढ़ाए हैं। कोई राशन, कोई दवा और पैसे से गरीब परिवारों की मदद कर रहा है।
मोतिगरपुर विकास खंड क्षेत्र के लखनऊ-बलिया राजमार्ग किनारे दियरा चौराहे पर गाजीपुर जिले के सुभाष व उनके सहयोगियों का परिवार पिछले सात-आठ साल से बांस की दैनिक उपयोग की वस्तुएं बनाकर बेचने का काम कर रहा था।
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छोटे-बड़े मिलाकर इस समय इनके कुनबे की कुल संख्या 26 है। कोरोना संक्रमण के बाद हुए लॉकडाउन के चलते रोजगार बंद होने से इनके सामने खाने का संकट आ गया। रविवार की शाम ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामदीन वर्मा ने 30 किलो चावल, 20 किलो आटा, तेल, मसाला, नमक और 2000 रुपये देकर इन लोगों को खाने की समस्या से निजात दिलाई।
झोपड़ी में रह रहे इन लोगों को कहीं भी जाने से रोका। साथ ही भविष्य में और मदद का आश्वासन दिया। पीड़ित लोगों में शोभनाथ, हरिंद्र, महंगू, दिनेश, रवींद्र, सोनी, कांती, गुड़िया, पूनम, कुसुम व शांती आदि शामिल रहे।
कादीपुर तहसील के रानीपुर कायस्थ के धरिकार बस्ती एवं नसीरपुर के मुसहर बस्ती में सार्थक इंडिया फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने राहत सामग्री का वितरण किया। फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने बस्तियों में जाकर आटा, चावल, तेल, आलू, मसाला समेत विभिन्न सामग्रियां बांटी।
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