सुल्तानपुर। जिले के करीब 2200 प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हो सका है। दो वित्तीय वर्षों के लंबित आवासों का निर्माण अप्रैल माह में पूरा कराना विकास विभाग के लिए चुनौती बना है। निर्माण कार्य विभिन्न वजहों से प्रभावित बताए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद विकास विभाग ने खंड विकास अधिकारियों पर शिकंजा कसा है।
जिले में वित्तीय वर्ष 2020-2021 में शासन की ओर से जिले के लिए 24,967 प्रधानमंत्री आवास आवंटित किए गए थे। रिकॉर्डों के मुताबिक विकास विभाग ने दूसरे वित्तीय वर्ष में यानि कि वर्ष 2021-2022 बीतने के बाद 24,346 आवासों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है, लेकिन अभी तक करीब छह सौ आवासों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है।
बीते वित्तीय वर्ष 2021-2022 में जिले को आवंटित 20,627 प्रधानमंत्री आवासों के सापेक्ष विकास विभाग ने अभी तक 19,097 आवासों का निर्माण कार्य पूरा करा दिया है। इसके बाद भी पिछले वित्तीय वर्ष के अभी तक करीब 1530 आवासों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। इस तरह दो वित्तीय वर्ष के करीब 2200 प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण अभी लटका है। आवास निर्माण पूरा नहीं होने के पीछे विभिन्न वजहें बताई जा रही है।
विभाग के मुताबिक कुछ आवासों की ऑनलाइन प्रक्रिया देर से पूरी हुई। इसके अलावा ग्रामीण बैंक स्थित कुछ लाभार्थियों के बैंक खाते में ऑनलाइन धनराशि ट्रांसफर होने में समस्या आई थी। निर्माण अधूरा रहने के पीछे अधिकारी आवासों की धनराशि देर से लाभार्थियों को मिलने को वजह बता रहे हैं। वित्तीय वर्ष बीतने के बाद भी करीब 2200 आवासों का निर्माण कार्य पूरा नहीं होने पर अधिकारियों ने खंड विकास अधिकारियों व पंचायत सचिवों पर शिकंजा कस दिया है।
अधिकारियों ने खंड विकास अधिकारियों को अप्रैल माह में आवासों का निर्माण पूरा कराने का निर्देश दिया है। निर्देश को देखते हुए अप्रैल माह में करीब 2200 आवासों को पूरा कराना विभाग के सामने चुनौती बना है। ग्राम्य विकास विभाग के परियोजना निदेशक राम उदरेज यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास के निर्माण की लगातार समीक्षा की जा रही है। खंड विकास अधिकारियों को अप्रैल माह में निर्माण कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। हर हाल में कार्य पूरा करा लिया जाएगा।