ग्राम प्रधान और वीडीओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद डीडीओ ने निलंबन की कार्रवाई की है। प्रकरण में अभी दोनों दोषियों से गबन की धनराशि की वसूली भी होनी है।
कूरेभार विकासखंड के चांदपुर सैदोपट्टी समग्र लोहिया गांव में ग्राम प्रधान के साथ मिलकर लाभार्थियों का पैसा डकारने वाले ग्राम विकास अधिकारी राम विलास यादव को आखिरकार सस्पेंड करना पड़ा। लाभार्थियों के शौचालय का करीब 19 लाख रुपये बिना कार्य कराए ही गबन करने वाले सेक्रेटरी पर निलंबन की कार्रवाई प्राथमिकी दर्ज होने के बाद हुई है।
सरकारी धनराशि के गबन के प्रकरण में गुरुवार को बीडीओ कूरेभार द्वारा डीएम के आदेश पर गोसाईगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद डीडीओ हरिशंकर सिंह ने सेक्रेटरी को निलंबित कर दिया। हालांकि इस मामले में डीएम अदिति सिंह ने ग्राम प्रधान शकील अहमद को सप्ताह भर पहले दो जुलाई को ही बर्खास्त कर दिया था। सेक्रेटरी के खिलाफ भी कार्रवाई का आदेश दिया था। आदेश के बाद भी दोषी सेक्रेटरी के खिलाफ सप्ताह भर तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
प्रकरण में डीएम ने ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी को बराबर का दोषी मानते हुए गबन की गई धनराशि की वसूली का भी निर्देश दिया है। जिला विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने वीडीओ के निलंबन की पुष्टि की है।