सुल्तानपुर। कोविड-19 जैसी महामारी में एक बार फिर चिकित्सकों ने यह साबित कर दिया है कि आखिर उन्हें धरती का भगवान क्यों कहा जाता है। लॉकडाउन से लेकर अब तक चिकित्सक जान हथेली पर लेकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी-पीएचसी, फैसिलिटी सेंटर और एल-1 हॉस्पिटल तक का सारा दारोमदार इन्हीं पर है। कोरोना को लेकर लोगों में दहशत का माहौल है वहीं, चिकित्सक घर-परिवार से अलग-थलग होकर प्रतिदिन 16 से 18 घंटे तक ड्यूटी दे रहे हैं। डॉक्टर्स-डे की पूर्व संध्या पर अमर उजाला ने ऐसे कुछ चिकित्सकों से बात की तो उनका आत्मविश्वास व सेवा भाव अनुकरणीय लगा।
कोरोना महामारी के बीच सीएमओ डॉ. चंद्रभूषण नाथ त्रिपाठी की दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है। वे सुबह साढ़े पांच बजे तक उठ जाते हैं और फोन से ड्यूटी में लगाए गए सभी चिकित्सकों से बात करते हैं। इसके बाद नौ बजे से रात नौ बजे तक पूरी तरह से सक्रिय रहते हैं। वे अपने सरकारी आवास पर अकेले ही रहते हैं। परिवार के लोग पैतृक आवास बस्ती में ही हैं। परिवार वालों से सिर्फ फोन पर हाल-चाल ले पाते हैं।
जिला अस्पताल के ईएनटी चिकित्सक डॉ. पंकज पांडेय प्रयागराज के मूल निवासी है। पंकज पांडेय की जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में ड्यूूटी लगाई गई है। साथ ही इनके ऊपर सैंपलिंग का जिम्मा भी है। इसके अलावा ओपीडी भी करनी होती है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से माता-पिता से मुलाकात नहीं हो पाई है। कोरोना संक्रमित लोगों को भयभीत होने की जरूरत नहीं है। जिले में लोगों के ठीक होने का औसत सुकून पहुंचाने वाला है।
अमेठी जिले के गौरीगंज निवासी डॉ. एएन तिवारी की जिला अस्पताल में तैनात हैं। मौजूदा समय में डॉ. एएन तिवारी कोरोना ओपीडी में ड्यूटी दे रहे हैं। डॉ. एएन तिवारी ने बताया कि एक माह तक लगातार उनकी ड्यूटी फरीदीपुर में बनाए गए कोविड सेंटर में लगाई गई थी। उनका परिवार गौरीगंज में ही रहता है। वे यहां अकेले रहते हैं। प्रतिदिन रात आठ से सुबह आठ तक ड्यूटी करते हैं। इसके साथ ही वे 24 घंटे ऑन कॉल ड्यूटी पर भी उपलब्ध रहते हैं।
बिहार के भागलपुर जिले के रहने वाले डॉ. गोपाल प्रसाद रजक अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ के पद पर तैनाती है। मौजूदा समय में डॉ. गोपाल प्रसाद की भी ड्यूटी फरीदीपुर कोविड सेंटर में लगाई गई है। डॉ. रजक बताते हैं कि वे दोपहर बाद एक बजे से रात आठ बजे तक फरीदीपुर में पहुंचने वाले लोगों की सघन जांच करते हैं। इसके साथ ही उन्हें हिम्मत भी बंधाते हैं। वे सरकारी अस्पताल में बने आवास में अकेले ही रहते हैं। परिवार वालों से दूसरे-तीसरे दिन बात हो पाती है।
डॉ. मनीष यादव जिला अस्पताल में तैनात हैं। डॉ. मनीष यादव अकेले रहते हैं। जिला अस्पताल में बनाए गए कोरोना ओपीडी सेंटर में डॉ. मनीष की ड्यूटी लगाई गई है। वे रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को इमरजेंसी ड्यूटी करते हैं। इसके बाद मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को कोरोना ओपीडी में आठ बजे से 12 बजे तक मरीजों की जांच करते हैं।