सुल्तानपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की पहल से स्वयं सहायता समूह की महिलाएं जूट के बैग बनाएंगी। इससे उन्हें घर पर ही आमदनी बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। यह योजना महिलाओं को रोजगार के लिए घर से दूर जाने की जरूरत नहीं होने देगी।
कुड़वार विकास खंड में इस पहल के लिए 15 महिलाओं का चयन हो चुका है। 20 अन्य महिलाओं को भी योजना से जोड़ने की तैयारी है। चयनित महिलाओं को ब्लॉक स्तर पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद उन्हें कच्चा माल और आर्थिक सहयोग भी मिलेगा। महिलाएं जूट के बैग तैयार कर स्थानीय दुकानों पर आपूर्ति कर सकेंगी। वे सीधे ग्राहकों को या घर-घर संपर्क कर भी बिक्री कर पाएंगी। इससे समूह की महिलाएं ग्राहक और बाजार से सीधे जुड़ सकेंगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।
घरेलू जिम्मेदारियों के साथ कर सकेंगी काम
महिलाएं अपनी सुविधा के अनुसार उत्पादन कर सकेंगी। खेती, बच्चों की देखभाल और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच भी वे समय निकाल पाएंगी। इससे उन्हें परिवार की आय में योगदान देने का मौका मिलेगा। अपनी आर्थिक जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भरता कम होगी। एनआरएलएम की ब्लॉक मिशन प्रबंधक ममता ने बताया कि महिलाओं को जल्द प्रशिक्षण मिलेगा। जिला मिशन प्रबंधक नीरज श्रीवास्तव ने कहा कि समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बाजार की जरूरत के अनुसार उत्पादों पर ध्यान दिया जा रहा है।