खाते में छूट की धनराशि नहीं पहुंचने से गरीब परिवारों के आगे रिफिल भराने की समस्या उत्पन्न होने लगी है। आपूर्ति विभाग की तरफ से प्रकरण संज्ञान में नहीं लेने से ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता परेशान हैं।
गैस कंपनियों की तरफ से जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के घरेलू गैस उपभोक्ताओं की बीते माह नए सिरे से जांच कराई गई थी। जांच में बड़े पैमाने पर कनेक्शन धारक के नाम में अंतर पाया गया था।
बैंक व एजेंसी पर दर्ज नाम में अंतर मिलने पर कंपनी के अफसरों को गड़बड़ी का एहसास हुआ। फर्जीवाड़े के अंदेशे पर ऐसे 5000 से अधिक कनेक्शनों पर जारी होने वाली घरेलू गैस सब्सिडी पर रोक लगा दी गई है।
बड़ी संख्या में छूट की धनराशि खाते में नहीं आने से ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के गरीब श्रेणी के उपभोक्ताओं को परेशाने देखा जा रहा है। इन दिनों शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की एजेंसी पर पैसा खाते में नहीं आने की अधिक शिकायतें दर्ज की जा रही हैं।