शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न स्थानों पर बुधवार को गाजे-बाजे व जुलूस के साथ गणेश प्रतिमाएं पंडालों में स्थापित कर दी गईं। गणेश चतुर्थी के दिन गुरुवार की रात पंडालों में स्थापित विघ्नहर्ता का विधि विधान से नेत्र पूजन किया गया। 28 सितंबर को गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।
गणेश चतुर्थी की पूर्व संध्या पर बुधवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सजी गणेश प्रतिमाओं को गाजे-बाजे व ...गणपति बप्पा मोरया के उद्घोष के साथ श्रद्धालुओं ने पंडालों में पहुंचाया। शहर के ठठेरी बाजार, चौक घंटाघर, स्टेशन रोड, रुहट्ठा गली, पारकींसगंज, मेजरगंज, पुरानी बाजार, पल्टनबाजार, राहुल चौराहा, नवीपुर, लखनऊ नाका, पंचरास्ता व ग्रामीण इलाके के कादीपुर, लंभुआ, जयसिंहपुर, मोतिगरपुर, चांदा, अमहट, कुड़वार, बंधुआकलां, समेत विभिन्न स्थानों पर 50 से अधिक मूर्तियों की स्थापना कराई गई। बुधवार दोपहर बाद श्रद्धालु ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर विघ्नविनाशक की प्रतिमाएं लेकर डीजे की धुन पर नाचते-गाते पंडालों में पहुंचे।
दिन भर गणपति बप्पा मोरया के नारे से पूरा शहर गुंजायमान रहा। पंडालों की साज-सज्जा पूरी कर ली गई है। जगह-जगह भंडारे एवं प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई है। इन 14 दिनों तक चलने वाले गणेश महोत्सव के दौरान कई भजन गायक भी अपनी प्रस्तुति देंगे। गुरुवार की रात करीब आठ बजे पुरोहितों ने पंडालों में स्थापित मुकुटधारी लंबोदर की प्रतिमाओं का नेत्र पूजन कराया। इसके बाद श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए गणेश प्रतिमाओं के कपाट खोल दिए गए। आगामी 28 सितंबर को पंडालों में स्थापित गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।