ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही अवैध पटाखा फैक्टरीअंजान बनी अग्निशमन विभाग व पुलिस टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
सुल्तानपुर। दीपावली के करीब आते ही अवैध पटाखा का कारोबार फलने-फूलने लगा है। जिले में कई स्थानों पर अवैध पटाखा फैक्टरी गुपचुप तरीके से चल रही है। इन पर नकेल कसने का इंतजाम पुलिस व प्रशासन की ओर से नहीं किया जा रहा है।
कुछ साल पहले शहर से सटे सैफुल्लागंज व धम्मौर में पटाखा बनाते समय विस्फोट होने से दो लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में आसपास के लोगों के मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके बाद भी लंभुआ, चांदा, कादीपुर, कटका, पीढ़ी, कुड़वार, अलीगंज व कामतागंज में पटाखों की दुकानें चल रही हैं। नियम विरुद्ध पटाखा के कारोबार व भंडारण रोकने के लिए शासन से भी सख्त निर्देश दिया गया है। जिले में यह निर्देश केवल कागजों तक सीमित है।
लंभुआ के हरिहरपुर में पकड़ा गया जखीरा
कोतवाली क्षेत्र के हरिहरपुर गांव में शुक्रवार शाम को पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध पटाखे बरामद किए थे। मिनी ट्रक से बरामद पटाखों की कीमत पांच लाख रुपये बताई जा रही है। पकड़े गए सगे भाइयों से पुलिस को कुछ जानकारी हासिल नहीं हो सकी है। लंभुआ पुलिस लगातार अवैध पटाखा विक्रेताओं व भंडारण करने वालों के बारे में पता लगाने में जुटी है।
रामनगर बनकट गांव में पकड़ी गई थी फैक्ट्री
बीते वर्ष दो नवंबर को कोतवाली देहात थानाक्षेत्र के रामनगर बनकट गांव में पुलिस ने अवैध पटाखा फैक्टरी पर छापा मारा था। छापे में 12 बैग व 13 बोरी में बड़ी मात्रा में निर्मित व अर्द्धनिर्मित पटाखे व विस्फोटक सामग्री मिली थी। पकड़े गए फैक्टरी संचालक के पास से पटाखा बनाने व बेचने व रखने का कोई लाइसेंस भी नहीं मिला था।
फायर विभाग भी नहीं कर रहा कार्रवाई
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को दुकानों-गोदामों में मौजूद आग से बचाव के इंतजाम का भी निरीक्षण करना चाहिए। इस दौरान वहां पानी, बालू व अग्निशमन यंत्रों की जांच की जानी चाहिए। इस तरह की कोई भी जांच अभी विभागीय स्तर पर शुरू नहीं की गई है। इस संबंध में मुख्य अग्निशमन अधिकारी संजय शर्मा से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी।
अवैध पटाखा विक्रेताओं पर होगी कार्रवाई
अवैध पटाखा की बिक्री पर रोक लगाने के लिए पुलिस निरंतर काम कर रही है। लाइसेंस के बगैर यदि कोई पटाखा का भंडारण व बिक्री करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- अखंड प्रताप सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक