सुल्तानपुर। जानलेवा हमले के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ निशा सिंह की अदालत ने 22 साल पुराने मामले में सोमवार को फैसला सुनाया। अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है और दो-दो हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।
अमेठी जिले के बाजार शुकुल थाने के मकदूमपुर कला गांव के रहने वाले आरोपी अकबाल व अयोध्या जिले के दरियापुर मिलहा-कुमारगंज निवासी आरोपी शत्रुघ्न प्रसाद के खिलाफ बाजार शुकुल के रहने वाले सियाराम ने मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप के मुताबिक 15 अगस्त 2003 की रात आरोपियों ने राजघाट के पास आकर उनके पुत्र परमजीत पर साथ चलने के लिए दबाव बनाया।
डकैती की घटना में साथ ले जाने के शक से परमजीत ने उनके साथ जाने से मना कर दिया। इसी बात की रंजिश में अकबाल ने परमजीत को गोली मार दी और शत्रुघ्न ने भी घटना में सहयोग किया। घटना में परमजीत को गंभीर चोटें आईं। मामले में वादी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ और चार्जशीट भी दाखिल हुई। मामले का ट्रायल एडीजे चतुर्थ की अदालत में चल रहा था। सोमवार को अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उनकी सजा पर फैसला सुनाते हुए उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया।