सुल्तानपुर। गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान निर्धारित मानकों से अधिक तेज आवाज में डीजे बजाने के मामले में कोतवाली नगर पुलिस ने 11 डीजे संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। संचालकों को पहले ध्वनि की निर्धारित सीमा और न्यायालय के आदेशों की जानकारी दी गई थी। आरोप है कि आवाज कम करने के निर्देशों की अनदेखी की गई।
26 सितंबर को उपनिरीक्षक अविनाश चंद्र पुलिस टीम के साथ शाहगंज घंटाघर से बस स्टेशन के बीच ड्यूटी कर रहे थे। गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान अलग-अलग स्थानों पर डीजे संचालक आपस में प्रतिस्पर्धा करते हुए तेज आवाज में डीजे बजा रहे थे। शाहगंज, घंटाघर रोड, पंचरास्ता, गभड़िया ओवरब्रिज, बस स्टेशन के दुकानदारों, राहगीरों और एंबुलेंस से आने-जाने वाले लोगों ने तेज आवाज से परेशानी की शिकायत की थी। जांच में गौरीगंज, बस्ती, सुल्तानपुर, रायबरेली, प्रयागराज, अयोध्या, आजमगढ़ के पंजीकृत वाहनों पर बड़ी संख्या में साउंड और ट्वीटर हॉर्न लगे मिले। अविनाश चंद्र के मुताबिक करीब 12 से 26 साउंड व 22 से 45 तक ट्वीटर हॉर्न लगे थे। उन्होंने संचालकों को मौके पर आवाज कम करने के लिए कहा।
आरोप है कि डीजे संचालकों ने निर्देश को नहीं माना और दोबारा तेज आवाज में डीजे बजाने लगे। पुलिस ने वाहनों और डीजे की फोटो व वीडियो भी बनाई। कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक सुरेश नारायण मिश्र ने बताया कि बुधवार को 11 नामजद व कुछ अज्ञात डीजे संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। सीओ राघवेंद्र सिंह ने बताया कि शोभायात्रा में शामिल अन्य डीजे संचालकों के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है।