लंभुआ। नरहरपुर स्थित एक निजी विद्यालय में अध्ययनरत छात्र को दूसरे जिले के एक विद्यालय की फीस रसीद थमा दी गई है। आरोप है कि संबंधित विद्यालय में छात्र का नाम नहीं लिखा है। पूछताछ में अभिभावक के पिता से बदसलूकी व मारपीट की गई। अदालत के आदेश पर प्रधानाचार्या सहित पांच कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
चांदा कोतवाली के परिगड़ा गांव निवासी राजीव तिवारी के आरोप के मुताबिक उनका बेटा सत्यमूर्ति तिवारी कक्षा आठ तक इसी विद्यालय में अध्ययनरत था। प्रधानाचार्या शाइनी अनीस, शिक्षक स्टीवन पेशी, केडी दूबे, कंप्यूटर ऑपरेटर पैतूस व क्लर्क अनीस के बहकावे व विश्वास में आकर उसने इसी विद्यालय में कक्षा नौ में दाखिला ले लिया। प्रवेश के बाद उसे 3600 रुपये की फीस रसीद दी गई। यह रसीद प्रतापगढ़ जिले के एक निजी विद्यालय की थी।
आरोप है कि संबंधित विद्यालय से पता चला कि बेटे का नाम ही नहीं लिखा गया है। 20 फरवरी को राजीव तिवारी ने पूछताछ की तो स्कूल में उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। अदालत के आदेश पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। उधर, प्रधानाचार्या शाइनी अनीस ने आरोप को बेबुनियाद बताया है। कोई दुर्व्यवहार नहीं किया गया है। प्रभारी निरीक्षक धीरज कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई है।