सुल्तानपुर। नलकूप की बोरिंग कराने को लेकर 12 वर्ष पूर्व हुए विवाद में गैर इरादतन हत्या करने के मामले में दोषी करार दिए गए आरोपी पिता व तीन पुत्रों को एडीजे सप्तम पीके जयंत ने बुधवार को पांच वर्ष की कैद व प्रत्येक को 10-10 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है। मामला मोतिगरपुर थाने के ग्राम बेसना भैरोपुर का है।
गांव निवासी लालू निषाद और उसके पुत्र मंशाराम निषाद, राजित राम निषाद व घनश्याम निषाद अपने चक में 27 अक्तूबर 2009 को नलकूप की बोरिंग करा रहे थे। तभी वहां पहुंचे गांव के राम मनोरथ तिवारी उनके खेत से 100 मीटर की दूरी पर बोरिंग कराने की बात कहने लगे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद होने लगा। विवाद बढ़ने पर आरोपी लालू निषाद और उसके पुत्रों मंशाराम निषाद, राजित राम निषाद व घनश्याम निषाद ने लाठी-डंडा व पाइप से राम मनोरथ को मारकर घायल कर दिया था। इलाज के दौरान राम मनोरथ की मौत हो गई थी।
पिछले सोमवार को एडीजे सप्तम पीके जयंत ने आरोपी लालू निषाद और उसके पुत्रों मंशाराम निषाद, राजित राम निषाद व घनश्याम निषाद को गैर इरादतन हत्या करने का दोषी करार देते हुए जेल भेजने का आदेश दिया था। कोर्ट ने आरोपियों को सजा सुनाने के लिए बुधवार की तिथि नियत की थी। बुधवार को चारों आरोपी जेल से लाकर कोर्ट में पेश किए गए जहां सजा के बिंदु पर एडीजीसी क्रिमिनल संदीप सिंह व बचाव पक्ष ने दलीलें पेश कीं।
एडीजे सप्तम पीके जयंत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी लालू निषाद और उसके पुत्रों मंशाराम निषाद, राजित राम निषाद व घनश्याम निषाद को पांच वर्ष की कैद व 10-10 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया है। कोर्ट ने जुर्माना राशि से 30 हजार रुपये मृतक के परिवारीजनों को देने का आदेश दिया है।