सुल्तानपुर। नेशनल हाईवे पर बने टोल प्लाजा पर जाम के झाम व कैश टैक्स के झंझट से निजात दिलाने के लिए सरकार की ओर से शुरू की गई फास्टैग सुविधा अभी कारगर साबित नहीं हो पा रही है।
सुल्तानपुर-लखनऊ फोरलेन पर असरोगा पर बने टोल प्लाजा के आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक रोजाना गुजर रहे करीब 3200 वाहनों में फास्टैग से जुड़े करीब 1200 वाहन ही शामिल हैं।
पंजीयन की रफ्तार नहीं बढ़ने से हाईवे के कैश लेन पर ही वाहनों का दबाव कायम है। इसकी वजह से रोजाना एकाध बार प्लाजा पर वाहनों को जाम से जूझना पड़ रहा है। कैश लेन पर लंबी कतार से लोगों को निजात नहीं मिल पा रही है।
केंद्र सरकार के फैसले के बाद लोगों को नेशनल हाईवे पर जाम के झाम व कैश टोल की झंझट से निजात दिलाने के लिए पिछले माह फास्टैग की सुविधा शुरू की गई है। लखनऊ-सुल्तानपुर फोरलेन पर असरोगा में बने टोल प्लाजा पर छह लेन फास्टैग व एक लेन कैश के लिए निर्धारित किया गया है।
प्लाजा पर वाहन चालकों की सुविधा के लिए फास्टैग के पंजीयन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके बाद भी रोजाना अधिकांश वाहन कैश लेन से गुजर रहे हैं। कैश लेन से अधिकांश वाहनों के गुजरने से आए दिन इस लेन पर दबाव बना है।
इसके सापेक्ष फास्टैग लेन अमूमन खाली चल रहा है। कैश लेन पर रोजाना एक-दो बार वाहनों की लंबी कतार लगने से लोगों को टोल अदाएगी के लिए आधे घंटे तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
एनएचएआई के आंकड़ों के मुताबिक असरोगा टोल प्लाजा से करीब एक माह में एक लाख छोटे-बड़े वाहन गुुजरे हैं। इसमें करीब 40 हजार वाहन फास्टैग सुविधा वाले हैं। शेष वाहन कैश लेन से गुजारे गए हैं। रोजाना इसका आंकड़ा करीब 3200 छोटे-बड़े वाहन गुजरने का है।
इसमें करीब 1200 वाहन ही फास्टैग सुविधा से लैस हैं। रोजाना करीब दो हजार वाहन कैश लेन से गुजरने की वजह से इस लेन पर प्रतिदिन एकाध बार लंबी कतार लग जा रही है।
असरोगा टोल प्लाजा पर बनाए गए पंजीकरण केंद्र से अभी तक 1705 वाहनों का फास्टैग में पंजीकरण हुआ है। पंजीकरण की सुविधा प्लाजा के साथ बैंक, मोबाइल कंपनियों में भी उपलब्ध है। पंजीकरण के लिए वाहन लाना अनिवार्य किया गया है।