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फिल्म सिटी से बढ़ेगा यूपी का रुतबा, मिलेगा युवाओं में उत्साह

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सुल्तानपुर। देश की सबसे बड़ी फिल्म सिटी उत्तर प्रदेश के नोएडा में बनेगी। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की इस घोषणा से युवा कलाकारों, साहित्यकारों, गीतकारों में नए उत्साह का संचार हुआ है। लोगों का मानना है कि फिल्म सिटी बनने से न सिर्फ नए रोजगार का सृजन होगा, बल्कि युवा प्रतिभाओं का पलायन भी रुकेगा। हिंदी फिल्मों को हिंदी भाषाई क्षेत्र में इस स्तर की फिल्म सिटी मिलना किसी वरदान से कम नहीं है। अमर उजाला ने जिले के कुछ युवा कलाकारों, साहित्यकारों व लेखकों से बात की तो उन्होंने इसे महत्वपूर्ण कदम बताया।
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गीतकार मनोज मुंतशिर का कहना है कि देश के किसी भी कोने में जो सिनेमा है, वह उसकी भाषा से जुड़ा हुआ है। जब तमिल फिल्म इंडस्ट्री चेन्नई में, तेलगु फिल्म इंडस्ट्री तेलंगाना में है तो हिंदी फिल्म इंडस्ट्री उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं बन सकती..।
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का देश की सबसे बड़ी फिल्म इंडस्ट्री उत्तर प्रदेश में बनाने का निर्णय ऐतिहासिक है। इससे न सिर्फ युवा कलाकारों को मौका मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री हमारे स्टेट में ही होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश की भाषा हिंदी को उसका सिनेमा वापस लौटाए जाने का वक्त आ गया है।
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संवाद लेखक रितेश रजवाड़ा ने कहा कि फिल्म सिटी यूपी में आने से नवांकुरों के लिए संभावनाएं बढ़ेंगी। सोचिए अगर अमिताभ बच्चन, जावेद अख्तर, मनोज मुंतशिर जैसे नामचीन कलाकार यूपी में रहकर काम करते तो शायद यूपी के युवाओं को और अधिक प्रेरित कर पाते।
बहुत सारे कलाकार संसाधन के अभाव में मुंबई नहीं पहुंच पाते और कुछ अगर पहुंच भी गए तो साल दो साल में जीवनयापन की समस्या उन्हें लौटने पर मजबूर कर देती है। उत्तर प्रदेश में इंड्रस्ट्री होने का मतलब क्राउड आर्टिस्ट से लेकर स्पॉट बॉय तक लोकल होंगे।
कलाकारों के अलावा भी लोगों को रोजगार मिलेगा। हम सरकार की पहल की सराहना करते हैं। साथ ही उम्मीद करते हैं कि यह सिर्फ कोरा आश्वासन बन के नहीं रह जाएगा। जब भाषा हमारी, अदाकार हमारे, लेखक हमारे, निर्देशक हमारे तो जमीन हमारी क्यों नहीं ?
गायिका अनामिका सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी बनने से युवा कलाकारों, गीतकारों, सिंगर व फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े तमाम लोगों को काम करने का अच्छा माहौल मिलेगा। मुंबई में जाकर यूपी, बिहार के कलाकार अपने आपको बेसहारा समझते हैं। स्थानीय स्तर पर बनने वाली फिल्म इंडस्ट्री में युवाओं को अपने घर जैसा फील मिलेगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ये पहल स्वागत योग्य है।
गायिका निष्ठा शर्मा ने बताया कि सैकड़ों किलोमीटर दूर जाकर काम तलाशने और संघर्ष करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। दूर प्रदेश में जानने वाले लोग भी कम होते हैं। ऐसे में समस्या और भी बढ़ जाती है।
यूपी में फिल्म सिटी बनने से स्थानीय कलाकारों को अच्छा महसूस होगा। अपने क्षेत्र में काम करने का आनंद अलग ही है। यूपी में फिल्म सिटी का निर्माण काबिले तारीफ निर्णय है। युवा कलाकारों को मुंबई की बजाय यूपी में काम का अवसर मिलेगा।
उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी बनने की संभावना से आठ वर्षीय अनन्या श्रीवास्तव व उनके माता-पिता को भी काफी उम्मीदें हैं। केंद्रीय विद्यालय अमहट में कक्षा चार की छात्रा अनन्या ने 15 अगस्त 2018 को 24 मिनट में 2306 स्पिन करके गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम अंकित कराया था।
जीटीवी और सोनी टीवी के डांस शो में भी अनन्या ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। अनन्या के अभिभावकों को उम्मीद है कि अगर यूपी में फिल्म सिटी का निर्माण हुआ तो युवा कलाकारों को उनकी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा।
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