सुल्तानपुर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी ने कृषि बिल-2020 को रद करने, पूर्वांचल विद्युत वितरण के निजीकरण व दिल्ली दंगे में नेताओं के ऊपर फर्जी मुकदमे थोपने के विरोध में सड़क पर उतर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
उधर, अखंडनगर में बाजार से पावर हाउस तक जुलूस निकालकर उपकेंद्र का घेराव किया गया और खंड विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के जिला सचिव नरोत्तम शुक्ला ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा में कृषि कानूनों को जिस तरह से बिना वोटिंग कराए पारित कराया गया है, यह देश के लोकतंत्र के लिए घातक है।
इस कानून के बन जाने के बाद आने वाले समय में किसान अपने ही खेतों में बंधुआ मजदूर हो जाएगा। राज्य कमेटी सदस्य राधेश्याम वर्मा ने कहा कि यह सरकार न केवल किसान विरोधी है। जिला सचिव मंडल सदस्य शशांक पांडेय ने कहा कि इस महामारी के दौरान स्कूल व कोचिंग संस्थान बंद होने के चलते प्राइवेट शिक्षकों, कोचिंग के अध्यापकों के हालात बद से बदतर हो गए हैं।
इस मौके पर एसएफआई के प्रदेश अध्यक्ष विवेक विक्रम सिंह, सैफ हामिद अली खान, जवाहरलाल, विनोद पांडेय, राजकपूर शुक्ला, स्वामीनाथ यादव समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। उधर, अखंडनगर में जिला सचिव मंडल सदस्य कामरेड बाबूराम यादव की अगुवाई में खंड विकास अधिकारी को ज्ञापन दिया गया। कहा कि सरकार पूर्वांचल विद्युत वितरण के निजीकरण को रद करे, इसके निजीकरण से उपभोक्ता व कर्मचारी दोनों के ऊपर दिक्कतें बढ़ने जा रही हैं।