लंभुआ के मकसूदन गांव में मृतक के परिजनों को समझाते लंभुआ कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक।
लंभुआ (सुल्तानपुर)। मकसूदन गांव में बुधवार को एक युवक का शव दफन करने के मामले में दो समुदायों के बीच तनाव हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। दोपहर बाद परिजन शव को दूसरी जगह दफनाने पर राजी हुए।
मकसूदन गांव निवासी मो. वाहिद (33) गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। उनका इलाज चल रहा था। मंगलवार अपराह्न चार बजे वाहिद की मौत हो गई। बुधवार सुबह शव को दफनाने के लिए परिजन गांव के एक धार्मिक स्थल के पीछे की भूमि पर गड्ढा खोदने लगे। जानकारी पर दूसरे समुदाय के लोग मना करने पहुंचे। तनाव बढ़ा तो मामले की जानकारी पुलिस व राजस्व महकमे को दी गई। तहसीलदार व थानाध्यक्ष भी मौके पर पहुंच गए।
चकबंदी कर्मियों ने मौके पर पहुंच कर आरक्षित कब्रिस्तान भूमि को चिह्नित किया। परिजन शव लेकर घर चले गए। अधिकारी मृतक वाहिद के घर पहुंच गए। काफी प्रयास के बाद घरवाले मामपुर गांव की सीमा पर मौजूद कब्रिस्तान (खतौनी भूमि) में शव दफनाने को राजी हुए। दोपहर बाद परिजन शव लेकर कब्रिस्तान के लिए रवाना हुए। प्रभारी निरीक्षक अखिलेश सिंह ने बताया कि स्थिति अब शांतिपूर्ण है।
अंत्येष्टि स्थल के लिए भूमि दिलाने की मांग
लंभुआ। मुस्लिम समुदाय के लोगों के शव दफनाने के लिए पहले से ही मकसूदन गांव में चार कब्रिस्तान हैं। जिसमें मुस्लिम समुदाय के विभिन्न जातियों के लोग शव दफनाते हैं। चकबंदी के दौरान एक और नए कब्रिस्तान के लिए भूमि आरक्षित कर दी गई है। अब गांव में कुल पांच कब्रिस्तान के लिए भूमि दी गई है। दूसरे समुदाय के लोगों की मांग है कि अब गांव में अंत्येष्टि स्थल का भी निर्माण होना चाहिए।