गोसाईंगंज (सुल्तानपुर)। धोखाधड़ी के मामले में दो वारंटियों को पकड़ने सुदनापुर गांव पहुंचे दरोगा और सिपाही पर महिलाओं व आरोपियों के परिजनों ने हमला कर दिया। हमलावरों ने दरोगा के हाथ में दांत काट लिया, जबकि सिपाही को लाठी-डंडे से मारकर घायल कर दिया।
किसी तरह जान बचाकर भागे पुलिस कर्मियों की सूचना पर पहुंचे भारी पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उधर, एक वारंटी पकड़ा गया, जबकि दूसरा भाग निकला।
उपनिरीक्षक दिवेश त्रिवेदी और सिपाही शिवम शुक्रवार की सुबह 9.30 बजे वारंटी कृष्णदेव सिंह व उमा देव सिंह निवासी सुदनापुर की गिरफ्तारी के लिए सरकारी बाइक से गांव पहुंचे थे। कृष्णदेव सिंह अपने घर के पीछे दरवाजे पर उमा देव सिंह के साथ खड़ा मिला। पुलिस टीम ने कृष्णदेव सिंह को पकड़ने की कोशिश की, तो वह गुहार लगाने लगा। तभी कृष्णदेव की पत्नी साधना सिंह, नाबालिग पुत्री, उमा देव की पत्नी शशि सिंह, पुत्र शुभम सिंह, सुशीला सिंह मौके पर पहुंच गए और आरोपियों को छुड़ाने लगे।
साधना सिंह ने उपनिरीक्षक दिवेश त्रिवेदी के बाएं हाथ के अंगूठे में दांत काट लिया, अन्य लोगों ने सिपाही शिवम तिवारी की पिटाई शुरू कर दी। हमलावरों ने वारंट फाड़ कर कृष्णदेव सिंह को छुड़ा लिया। वह भाग निकला, जबकि उमादेव सिंह बुजुर्ग होने के कारण भागने में नाकाम रहा। हमलावरों ने पुलिस कर्मियों को घेरकर लाठी-डंडे, लोहे के रॉड और ईंटों से हमला कर दिया। हमले में सिपाही शिवम को गंभीर चोटें आईं। उनकी वर्दी भी फट गई।
नाबालिग को छोड़ा, चार का शांतिभंग में चालान
द्वारिकागंज चौकी प्रभारी दिवेश त्रिवेदी ने गोसाईंगंज थाने में सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। साधना सिंह, शशि सिंह, सुशीला सिंह, शुभम सिंह का शांति भंग में चालान किया गया है, जबकि उमा देव सिंह को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने नाबालिग बेटी को छोड़ दिया है। घायल पुलिस कर्मियों का सीएचसी जयसिंहपुर में इलाज कराया गया। थानाध्यक्ष राम आशीष उपाध्याय ने बताया कि भागे आरोपी की तलाश की जा रही है।
दीवानी न्यायालय ने जारी किया था वारंट
धोखाधड़ी के मामले में दीवानी न्यायालय ने उमादेव सिंह व कृष्ण देव सिंह के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी किया था। वर्ष 1998 में उमादेव सिंह व वर्ष 2013 में कृष्णदेव सिंह के खिलाफ कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया था।