जयसिंहपुर (सुल्तानपुर)। गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के अकोढ़ी मधई का पूरा गांव में शुक्रवार दोपहर घर के सामने बैठे बुजुर्ग दंपती पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल दंपती की देरशाम मौत हो गई। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना के वक्त घर पर सिर्फ छोटे बच्चे थे, जिन्होंने कमरे में छिपकर अपनी जान बचाई।
गोसाईंगंज क्षेत्र के अकोढ़ी मधई का पूरा गांव निवासी सरजू प्रसाद (70) शुक्रवार दोपहर अपने घर के सामने पत्नी सोनपता देवी (68) के साथ बैठे थे। उस समय सरजू प्रसाद का भतीजा पारसनाथ बाजार निकला था। घर में सिर्फ बच्चे मौजूद थे। घर के बगल स्थित एक पेड़ में मधुमक्खियों का छत्ता लगा है। दोपहर में कोई पक्षी मधुमक्खियों के छत्ते से टकरा गया। मधुमक्खियां भड़क गईं और छत्ते को छोड़कर बाहर आ गई।
मधुमक्खियों ने सरजू प्रसाद के घर की ओर अपना रुख किया और उन पर हमला कर दिया। सरयूप्रसाद के शोर मचाने पर पत्नी सोनपता देवी उन्हें बचाने के लिए आगे बढ़ी तो मधुमक्खियों ने उन्हें भी घेर लिया। दोनों शोर मचाने लगे तो ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई।
एक साथ दो मौतों से मची चीख पुकार
मधुमक्खियों का झुंड देखकर कोई भी ग्रामीण सरजू प्रसाद व उनकी पत्नी सोनपता देवी को बचाने का साहस नहीं जुटा सका। मधुमक्खियों के हमले में दोनों बेहोश होकर गिर पड़े। ग्रामीणों ने फोन से सरजू प्रसाद के भतीजे पारसनाथ को घटना की जानकारी दी। जब तक पारसनाथ घर पहुंचते, तब तक सरजू प्रसाद व सोनपता की मौत हो चुकी थी। एक साथ हुई दो मौतों से परिवार में चीख पुकार मच गई।
भतीजे ने नम आखों से दी दोनों शवों को मुखाग्नि
अकोढ़ी मधई का पूरा गांव सरजू प्रसाद के घर का मंजर देखकर हर किसी की आखें नम थीं। जब घर से पति-पत्नी की अर्थी एक साथ उठी तो हर कोई रो पड़ा। दोनों के शवों को गांव के कब्रिस्तान में भतीजे पारसनाथ ने मुखाग्नि दी। ग्रामीणों के मुताबिक, दंपती के कोई संतान नहीं थी। वह दोनों अपने भतीजे पारसनाथ के साथ रहते थे। सरजू प्रसाद को छह माह पहले पैरालिसिस का अटैक भी पड़ा था। इस वजह से उन्हें चलने-फिरने में भी दिक्कत थी।