सुल्तानपुर। डेंगू का प्रकोप शुरू होने से पहले ही मेडिकल काॅलेज प्रशासन ने बीमारी से निपटने के लिए तैयारी पूरी कर ली है। डेंगू मरीजों को आइसोलेट करने के लिए आठ बेड का वार्ड आरक्षित किया गया है। ऑक्सीजन की आपूर्ति व्यवस्था के साथ ही प्रत्येक बेड पर मच्छरदानी और इलाज के जरूरी संसाधन मौजूद हैं।
बरसात का मौसम शुरू होने के साथ ही मच्छरजनित रोगों का प्रकाेप बढ़ जाता है, जिसके चलते डेंगू, वायरल, मस्तिष्क ज्वर जैसे संचारी रोगों के फैलने का खतरा पैदा हो जाता है। हालांकि अभी जिले में एक भी डेंगू मरीज मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी इस बार प्रकोप बढ़ने से पहले ही स्वास्थ्य महकमे ने अपनी तैयारी पूरी कर लेने का दावा किया है।
सीएमएस डाॅ. एसके गोयल ने बताया कि मेडिकल काॅलेज के पुरुष अस्पताल में आठ बेड का एक वार्ड डेंगू मरीजों के लिए आरक्षित कर लिया गया है। उसमें ऑक्सीजन के साथ ही जरूरी इलाज के लिए सभी सामान मौजूद है। हालांकि अभी जिले में कोई भी डेंगू मरीज नहीं मिला है, इसलिए यहां अन्य मरीजों का इलाज किया जा रहा है, लेकिन डेंगू मरीज आते ही इसे खाली करवा लिया जाएगा। प्रत्येक बेड पर मरीजों के लिए मच्छरदानी की भी व्यवस्था की गई है। आवश्यकता पड़ने पर बेडों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है। दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। वार्ड को ग्राउंड फ्लोर पर बनाने के पीछे मकसद यह है कि छोटे बच्चों व बुजुर्गों को परेशानी न हो।
अस्पताल में है रैपिड टेस्ट की व्यवस्था
मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल में ब्लड, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स, ओसेलटामिविर सिरप, टेबलेट, हाइड्रोक्लोरिन, आर्मेथर, आर्सेनेट आदि एंटीवायरल दवाएं उपलब्ध हैं। रैपिड टेस्ट की व्यवस्था अस्पताल में ही उपलब्ध है।