मेडिकल काॅलेज के नेत्र विभाग की ओपीडी में मरीज के आंख की जांच करतीं चिकित्सक। संवाद
सुल्तानपुर। इन दिनों गेहूं के फसलों की कटाई-मड़ाई का सीजन है। फसलों की कटाई-मड़ाई से निकलने वाले धूल के बारीक कण काम के दौरान किसानों की आंखों में जाने से जलन, चुभन, लालिमा की समस्या हो रही है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग की ओपीडी में इस समय 200 से अधिक मरीज आ रहे हैं। डॉक्टर किसानों को कटाई-मड़ाई के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
सप्ताह भर से नेत्र विभाग की ओपीडी में अचानक मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। नेत्र सर्जन डॉ. सरिता वर्मा ने बताया कि कटाई-मड़ाई के दौरान उड़ने वाली धूल, मिट्टी, तिनका किसानों की आंख में चली जाती है। आंख की पारदर्शी झिल्ली में सूजन व इन्फेक्शन की समस्या भी आ रही है। आंखों में सूजन, पानी आना और चिपचिपाहट जैसे लक्षण दिख रहे हैं।
इसे ठीक होने में एक सप्ताह का समय लग रहा है। मरीजों को दवाएं देते हुए सलाह दिया कि कपड़े में बर्फ रखकर आंखों की सिकाई करें। ताजे पानी से आंखों में छीटें मारने के बाद ही दवा डालें।
ऐसे करें आंखों की देखभाल
- कटाई-मड़ाई के दौरान चश्मा पहनें
- बाइक चलाते समय मुंह को रुमाल से बांध कर रखें
- तेज हवा के बीच बाइक चलाते समय हेल्मेट व चश्मा पहनें
- आंखों पर ठंडे पानी का बार-बार छींटा मारते रहे
- डॉक्टरों की सलाह से आई ड्रॉप डालें