मेडिकल काॅलेज में जांच काउंटर पर वॉयल लेने खड़े मरीज।
सुल्तानपुर। लगातार बदलते मौसम के बीच बुखार हमलावर हो गया है। बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीड में बुखार, गले में खराश, खांसी व जुकाम के मरीजों की संख्या में ज्यादा रही। दवा लेने व जांच कराने के लिए मरीजों की लंबी कतार रही।
मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. आर धीरेंद्र ने बताया कि मौसम के बदलाव से संक्रमण वाले मरीज बढ़े हैं। हर दिन करीब 250 मरीज वायरल बुखार का इलाज कराने पहुंच रहे हैं। सर्दी-जुकाम और खांसी की समस्या भी बढ़ी है। इस बार वायरल बुखार में प्लेटलेट्स कम होने की शिकायतें आ रही हैं, जांच में डेंगू नहीं निकल रहा, लेकिन चिकित्सक उसे डेंगू मानकर ही इलाज कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ठंडे पेय पदार्थ पीने से बचें। गुनगुना पानी पीयें, सुबह शाम गर्म कपड़ा पहनें। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याम करन ने बताया कि छोटे बच्चों में निमोनिया और बुखार के मामले बढ़े हैं। बताया कि यह बीमारी मौसम में नमी, ठंडी हवा और संक्रमण से तेजी से फैलती है। समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकती है। यदि बच्चे को लगातार खांसी, सांस लेने में तकलीफ या तेज बुखार हो, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। गर्म कपड़े पहनाएं, नमी से बचाव करते हुए गुनगुना पानी पिलाएं।