सुल्तानपुर। मरीजों को बेहतर चिकित्सीय सेवा देने के लिए शासन से लेकर कोर्ट तक भले ही कितनी सख्त हो लेकिन सरकारी चिकित्सकों की सेहत पर इसका कोई असर नहीं होता। सरकारी अस्पताल के समानांतर वे न केवल नर्सिंग होम का संचालन करते हैं बल्कि दूसरों के नर्सिंग होम पर भी जाकर प्रैक्टिस करते हैं।
यह हाल तब है जब सभी चिकित्सक एनपीए (नॉन प्रैक्टिस अलाउंस) भी लेेते हैं। पूर्व में डीएम की ओर गठित टीम ने जिला अस्पताल के एक आर्थो चिकित्सक को प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए रंगे हाथ पकड़ा भी था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकतर चिकित्सक व कर्मचारी जिले में पूरी तरह से बेलगाम हो गए हैं। जिला अस्पताल में 30 चिकित्सक तैनात हैं। इन चिकित्सकों में मात्र 19 ही ड्यूटी पर हैं। जो चिकित्सक ड्यूटी पर हैं भी उनमें से अधिकांश प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं।
इनका खुद का नर्सिंग होम और हॉस्पिटल भी है। दूसरी तरफ जिला महिला अस्पताल में 10 चिकित्सक तैनात हैं। इनमें एक ने अपना हॉस्पिटल बना रखा है।
जिला अस्पताल में तैनात फिजीशियन अपने सरकारी आवास में प्रतिदिन प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। फिलहाल वे छुट्टी पर चल रहे हैं। वे स्वास्थ्य का हवाला देकर ड्यूटी पर नहीं जा रहे हैं।
जिला महिला अस्पताल में तैनात एक चिकित्सक खुलेआम प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। अपना हॉस्पिटल भी है। आए दिन एएनएम और आशा बहू पर मरीजों को उनके हॉस्पिटल में ले जाने के आरोप लगते रहते हैं।
जिला अस्पताल में तैनात एक आर्थो सर्जन नर्सिंग होम में प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। डीएम की ओर से गठित टीम ने पूर्व में रंगे हाथ उन्हें पकड़ा भी था लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
जिला महिला अस्पताल में तैनात एक बाल रोग विशेषज्ञ शहर में ही एक नर्सिंग होम खोलकर प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। यही हाल पुलिस हॉस्पिटल में तैनात एक अन्य चिकित्सक का है।
सीएमओ डॉ. चंद्रभूषण त्रिपाठी बताते हैं कि यदि कोई भी सरकारी चिकित्सक निजी प्रैक्टिस करते पकड़ा जाता है तो उसके निलंबन के साथ ही बर्खास्तगी तक की कार्रवाई की जाती है। फिलहाल अभी तक एक भी मामला प्रकाश में नहीं आया है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि मौजूदा समय में 19 चिकित्सक तैनात हैं। सभी चिकित्सक एनपीए (नॉन प्रैक्टिस एलाउंस) लेते हैं। नियमत: ये चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर सकते हैं। जो चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे हैं, उनकी जांच की जाएगी।