पार्टी से बगावत कर विधानसभा चुनाव मैदान में कूदना जिला पंचायत अध्यक्ष के पति को भारी पड़ गया। समाजवादी पार्टी ने जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह व उनके पति शिवकुमार को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। जिला पंचायत अध्यक्ष के पति इसौली विधानसभा सीट से टिकट नहीं मिलने पर बगावत कर निर्दलीय मैदान में हैं।
समाजवादी पार्टी ने इसौली से पार्टी प्रत्याशी अबरार अहमद के खिलाफ चुनाव लड़ रहे सपा नेता शिवकुमार सिंह व उनकी जिला पंचायत अध्यक्ष पत्नी ऊषा सिंह को बुधवार को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। पार्टी ने दोनों को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है।
चुनाव के समय की गई सख्त कार्रवाई से जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह को बड़ा झटका लगा है। प्रदेश कार्यालय ने दोनों नेताओं के निष्कासन संबंधी सूचना पार्टी के जिलाध्यक्ष को भेज दी है। सपा जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव ने दोनों नेताओं के छह साल के लिए हुए निष्कासन की पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता की वजह से जिला पंचायत अध्यक्ष व उनके पति के खिलाफ कार्रवाई हुई है। सपा से निष्कासित जिला पंचायत अध्यक्ष पति शिवकुमार सिंह इसौली विधानसभा क्षेत्र से टिकट के दावेदार थे।
बताते हैं कि इसी दावेदारी को लेकर मौजूदा विधायक व पार्टी प्रत्याशी अबरार अहमद से उनकी काफी दिनों से अनबन चल रही थी। दोनों तरफ से शह-मात का खेल चल रहा था। कुछ दिनों पहले विधायक अबरार अहमद ने जिला पंचायत अध्यक्ष पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
उस मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह ने विधायक के खिलाफ कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है। मामला कोर्ट में लंबित है। सपा से निष्कासित ऊषा सिंह व पति शिवकुमार सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव दौरान ही सपा में शामिल हुए थे।
सपा में शामिल होने के पहले शिवकुमार बसपा से जिला पंचायत अध्यक्ष के दावेदार रहे। सपा में शामिल होने के बाद उन्होंने पत्नी को जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ाया और वह विजयी भी हुईं। उसी समय से इनके विधानसभा चुुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही थी। टिकट नहीं मिलने पर वे पार्टी के बागी हो गए।