सुल्तानपुर। वकालत पेशे में महिलाओं के साथ भेदभाव बंद होना चाहिए। विद्वता व अध्ययन से महिला अधिवक्ता आगे बढ़े। न्यायपालिका में महिलाओं का और प्रतिनिधित्व होना चाहिए। यह बातें बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सह अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने कही। वे शनिवार को दीवानी न्यायालय स्थित अधिवक्ता संघ भवन में महिला अधिवक्ताओं के लिए आयोजित पुस्तक वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पहले महिला वकीलों को वकालत करने की इजाजत नहीं थी। 1924 में पहली बार महिला वकीलों को वकालत करने की अनुमति मिली थी। आज के इस दौर में महिलाएं सभी क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं।
वकालत पेश में महिला वकीलों के साथ भेदभाव बंद होना चाहिए। कहा कि सुप्रीम कोर्ट में अभी भी महिला जजों की संख्या कम है। महिला जजों की संख्या बढ़ाने के लिए बार कौंसिल की ओर से विधि मंत्री को पत्र भेजा गया है। उन्होंने अपने निजी खर्च से महिला वकीलों को विधि की पुस्तकें प्रदान करते हुए कहा कि इन पुस्तकों का अध्ययन करके वे अपना विधिक ज्ञान बढ़ाएं।
इससे पहले कार्यक्रम में पहुंचने पर उनका बार एसोसिएशन अध्यक्ष संजय सिंह, सचिव हेमंत मिश्र समेत अन्य वकीलों ने जोरदार स्वागत किया। उन्हें सचिव हेमंत मिश्र ने शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रामकिशोर पांडेय, राघवेंद्र प्रताप सिंह, मो. कमर खां, मदन सिंह, अलका सिंह, बार कौंसिल की अनुशासन समिति के सदस्य राजा प्रताप सिंह, नरेंद्र सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।
जयसिंहपुर बार के पदाधिकारियों को दिलाई शपथ
जयसिंहपुर। तहसील बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम शनिवार को तहसील परिसर में आयोजित किया गया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष अनिल कुमार शुक्ल ने मुख्य अतिथि बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सह अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल व अन्य अतिथियों का स्वागत किया।
उसके बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाकर प्रमाण पत्र दिया गया। इस मौके पर विधायक सीताराम वर्मा, सीओ राधेश्याम, तहसीलदार हरिश्चन्द्र, ब्लॉक प्रमुख राहुल शुक्ल, शेष नारायण पांडेय समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे।